एमएसपी सहित किसानों की अन्य मांगों को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) और किसान मजदूर मोर्चा (केएमएम) ने देशभर में ट्रैक्टर मार्च निकालने की चेतावनी दी है। 15 अगस्त को ट्रैक्टर मार्च निकाला जाएगा। वहीं इससे पहले एक अगस्त को भाजपा के पुतले जलाए जाएंगे। यह एलान एसकेएम और केएमएम ने सोमवार को किया है।
किसान मजदूर मोर्चा (केएमएम) नेता सरवन सिंह पंढ़ेर ने सोमवार को एक सम्मेलन में कहा कि किसानों का दिल्ली चलो मार्च 31 अगस्त को 200 दिन पूरे करेगा। किसानों से पंजाब और हरियाणा सीमा पर खनौरी और शंभू बॉर्डर पर पहुंचने की अपील की गई है।
संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और केएमएम द्वारा जारी एक संयुक्त बयान में कहा गया है कि किसान एक अगस्त को देश भर में जिला मुख्यालयों तक मार्च निकालेंगे और केंद्र की भाजपा सरकार के के पुतले जलाएंगे। फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी सहित विभिन्न मांगों को लेकर किसान 15 अगस्त को ट्रैक्टर मार्च निकाला जाएगा।
एसकेएम और केएमएम की तरफ से पंजाब के किसानों ने फसलों के लिए एमएसपी की मांग को लेकर 13 फरवरी 2024 को 'दिल्ली चलो' मार्च शुरू किया गया था, लेकिन हरियाणा पुलिस ने उन्हें शंभू बॉर्डर पर ही रोक दिया। अंबाला-दिल्ली नेशनल हाइवे पर किसानों को रोकने के लिए बैरिकेड लगा दिए गए थे। उसी दिन से ही किसान शंभू और खनौरी बॉर्डर पर डेरा डाले हुए हैं।
किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा कि एक बात साफ कर देना चाहते हैं कि जब भी बॉर्डर दोबारा खुलेगा तो हम अपना सामान ट्रैक्टर ट्रॉलियों में लादकर एक हफ्ते के अंदर दिल्ली की तरफ चल देंगे। क्योंकि 13 फरवरी को हम दिल्ली जाने के लिए निकले थे। पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने 10 जुलाई को हरियाणा सरकार को एक सप्ताह के भीतर शंभू बॉर्डर खोलने का आदेश दिया था। हरियाणा सरकार ने उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देते हुए सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया है।
वहीं किसानों को समर्थन देते हुए 11 सांसदों ने किसान नेताओं से मुलाकात की है। किसानों से मुलाकात करने वाले सांसदों में शिरोमणि अकाली दल की हरसिमरत कौर बादल, कांग्रेस के अमरिंदर सिंह राजा वाड़िंग, सुखजिंदर सिंह रंधावा और आप के मालविंदर सिंह कंग शामिल थे।