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मोहालीः राजभवन का घेराव करने जा रहे किसानों पर पुलिस ने की पानी की बौछार, कई हुए घायल

Tue, 14 May 2019 08:37 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोहाली (पंजाब)
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किसानों पर छोड़ा पानी
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किसान-मजदूर संघर्ष कमेटी पंजाब की अगुवाई में चंडीगढ़ स्थित राजभवन का घेराव करने जा रहे किसानों व मजदूरों पर चंडीगढ़ पुलिस ने वाटर कैनन का प्रयोग किया।

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पुलिस ने आंदोलन करने वालों पर पानी की बौछारें मारकर उन्हें चंडीगढ़ सीमा पर रोक दिया। इस दौरान कई लोगों की पगड़ियां तक उतर गईं। वहीं दर्जन भर किसान-मजदूर घायल हो गए। जिन्हें फेज-6 स्थित सिविल अस्पताल ले जाया गया। 

इसके बाद गुस्साए किसानों-मजदूरों ने वाईपीएस चौक पर चंडीगढ़ वाली साइड पुल पर धरना शुरू कर दिया। किसान-मजदूर यूनियन के नेता सतनाम सिंह पन्नू, हरप्रीत सिंह, स्वर्ण सिंह ने कहा कि किसानों-मजदूरों की मांग है कि केंद्र सरकार द्वारा किया गया आरसीईपी समझौता रद्द किया जाए, ताकि इलाके के लोगों को फायदा मिल पाए। साथ ही सरकारी संपत्ति नुकसान रोको एक्ट 2017 को तुरंत रद्द किया जाए।
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किसान-मजदूर संघर्ष कमेटी पंजाब के बैनर तले मंगलवार सुबह से पंजाब के विभिन्न जिलों से किसान-मजदूर एसोसिएशनों के सदस्य फेज-8 में इकट्ठे होना शुरू हो गए थे। इस दौरान शहर में किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति न बने, इससे निपटने के लिए पुलिस ने पुख्ता प्रबंध किए थे। आंदोलन करने वालों ने चंडीगढ़ स्थित राजभवन को घेरने की योजना बनाई थी। 

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कई किसान हुए घायल
ऐसे में पुलिस ने सीमावर्ती एरिया में बैरिकेडिंग की थी। दोपहर को किसानों-मजदूरों ने पहले फेज-8 में रैली की। इसके बाद उनका काफिला चंडीगढ़ के लिए रवाना हुआ। जैसे ही वह वाईपीएस चौक से आगे गीता भवन के पास पहुंचे तो उन्होंने बैरिकेड हटाकर चंडीगढ़ जाने की कोशिश की। इसके बाद चंडीगढ़ पुलिस ने बिना कोई देरी व चेतावनी दिए उन पर पानी की बौछारें मारनी शुरू कर दीं।

 इस दौरान किसानों और मजदूरों के अलावा बैरिकेड के नजदीक चंडीगढ़ व पंजाब पुलिस के अधिकारिया व कर्मचारियों और मीडिया कर्मियों को भी पानी की बौछारों का सामना करना पड़ा। मोहाली के एसएसपी हरचरन सिंह भुल्लर मौके पर मौजूद थे। साथ ही घटनाक्रम की निगरानी कर रहे थे।

15 मिनट तक मारते रहे पानी की बौछारें
किसानों-मजदूरों पर लगभग 15 मिनट तक पानी की बौछारें मारी गईं। इसके बाद जब गाड़ियों में से पानी खत्म हो गया। फिर आंदोलन कर रहे लोगों की तरफ से मौके पर ही धरना लगा दिया गया। इस दौरान किसानों ने पंजाब व केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
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