ऐसे में पुलिस ने सीमावर्ती एरिया में बैरिकेडिंग की थी। दोपहर को किसानों-मजदूरों ने पहले फेज-8 में रैली की। इसके बाद उनका काफिला चंडीगढ़ के लिए रवाना हुआ। जैसे ही वह वाईपीएस चौक से आगे गीता भवन के पास पहुंचे तो उन्होंने बैरिकेड हटाकर चंडीगढ़ जाने की कोशिश की। इसके बाद चंडीगढ़ पुलिस ने बिना कोई देरी व चेतावनी दिए उन पर पानी की बौछारें मारनी शुरू कर दीं।
इस दौरान किसानों और मजदूरों के अलावा बैरिकेड के नजदीक चंडीगढ़ व पंजाब पुलिस के अधिकारिया व कर्मचारियों और मीडिया कर्मियों को भी पानी की बौछारों का सामना करना पड़ा। मोहाली के एसएसपी हरचरन सिंह भुल्लर मौके पर मौजूद थे। साथ ही घटनाक्रम की निगरानी कर रहे थे।
15 मिनट तक मारते रहे पानी की बौछारें
किसानों-मजदूरों पर लगभग 15 मिनट तक पानी की बौछारें मारी गईं। इसके बाद जब गाड़ियों में से पानी खत्म हो गया। फिर आंदोलन कर रहे लोगों की तरफ से मौके पर ही धरना लगा दिया गया। इस दौरान किसानों ने पंजाब व केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।