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हरियाणा : मुख्यमंत्री के काफिले का घेराव, किसानों ने सुभाष बराला की गाड़ी को बनाया निशाना

Tue, 22 Dec 2020 01:14 PM IST
निवेदिता वर्मा अमर उजाला, अंबाला (हरियाणा)
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अंबाला में गाड़ी में बैठे सीएम का विरोध करते किसान। - फोटो : अमर उजाला
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नगर निगम चुनाव में मेयर पद की प्रत्याशी डॉ. वंदना शर्मा के प्रचार में अंबाला पहुंचे मुख्यमंत्री मनोहर लाल के काफिले का मंगलवार को किसानों ने घेराव किया। इस दौरान प्रदर्शनकारी काले झंडे भी लिए हुए थे। वहीं सरकारी सूत्रों का कहना है कि प्रदर्शन में किसानों के भेष में कांग्रेसी कार्यकर्ता शामिल रहे। भारी पुलिस बल के बीच मुख्यमंत्री के काफिले में शामिल भाजपा नेताओं की गाड़ियों पर डंडे भी फेंके, हालांकि घटना में कोई भी गाड़ी क्षतिग्रस्त नहीं हुई। 

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गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने बेशक कई गाड़ियों को निशाना बनाया। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मंगलवार को दोपहर करीब 12:36 बजे मुख्यमंत्री मनोहर लाल अपने काफिले सहित अग्रसेन चौक पर पहुंचे थे। इसी दौरान पहले से मौके पर तैनात सैकड़ों की संख्या में लोगों ने उनकी गाड़ी का घेराव कर दिया। 


काले झंडे हाथ में लिए प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने हाथापाई की तो इस दौरान एक सिख किसान की पगड़ी नीचे गिर गई। किसान की पगड़ी गिरने का शोर मचते ही प्रदर्शनकारियों का आक्रोश फूट पड़ा। उन्होंने विरोध के बीच निकल रहे काफिले पर लाठियां मारनी शुरू कर दीं। इस दौरान अन्य गाड़ियों सहित भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला की गाड़ी पर भी किसानों ने डंडे फेंके। करीब 10 मिनट अग्रसेन चौक पर तनाव की स्थिति बनी रही। 

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पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित किया और विरोध के बीच मुख्यमंत्री और उनके काफिले को बाहर निकाला। सीएम काफिले में विधायक असीम गोयल की गाड़ी भी शामिल थी, जिस पर किसानों ने डंडे फेंके। भाजपाइयों के साथ-साथ काफिले में शामिल पुलिस की गाड़ियों और जैमर को भी निशाना बनाने का प्रयास किया गया। यह स्थिति तब हुई जबकि पहले से ही मौके पर खुद डीसी अशोक कुमार रणनीति बनाने में जुटे थे। उन्होंने तैयारी की थी कि किसानों को पुराने पुल पर ही रोककर सीएम मनोहर लाल के काफिले को नए पुल से निकाल दिया जाए जिसे किसानों ने फेल कर दिया।

एसपी कालिया से भी धक्कामुक्की
एसपी राजेश कालिया को भी प्रदर्शनकारियों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। मौके पर तैनात एसपी ने जब उत्तेजित भीड़ को रोकने का प्रयास किया तो किसानों ने उनके साथ भी धक्कामुक्की कर दी। सीएम काफिले के निकलने के बाद किसान वापस अनाज मंडी में पहुंचे, जहां पहले सारी रणनीति बनाई गई थी। आधा-घंटे चले ड्रामे के दौरान यातायात व्यवस्था पूरी तरह से चौपट रही, हालांकि प्रदर्शनकारी किसानों ने इस दौरान पुल के ऊपर से आ रही बाइक और अन्य वाहनों पर सवार महिलाओं को नहीं रोका।

मर्यादा में सभी को बात कहने का हक
लोकतंत्र में अपनी बात कहने का हक सभी को है लेकिन दूसरे के कार्यक्रम में खलल डालना लोकतंत्र की मर्यादा के खिलाफ है। - ओम प्रकाश धनखड़ प्रदेश अध्यक्ष भाजपा।
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