फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

SYL: सीएम बादल के फैसले के विरोध में उतरे पंजाब के किसान

Mon, 21 Mar 2016 11:56 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बनूड़, मोहाली
विज्ञापन
किसान - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
पंजाब सरकार एसवाईएल नहर के खिलाफ अपना रुख साफ कर चुकी है लेकिन राज्य के सभी किसान सरकार के समर्थन में नहीं हैं। उनका मानना है कि हरियाणा को पानी न देने की बात कर पंजाब सरकार अपने घर को भी बंजर बना रही है।
विज्ञापन


पंजाब क्षेत्र की नहर को रातोरात पाट दिया गया लेकिन नहर के लिए जिन किसानों की जमीन एक्वायर हुई है उनमें से कई किसान नहर पाटने के विरोध में आ गए हैं। किसानों का कहना है कि भले ही हरियाणा को नहर का पानी न दें, लेकिन पंजाब के किसानों को उनकी जमीन की सिंचाई के लिए पानी मुहैया करवाया जाए।

पंजाब के जिस क्षेत्र से नहर गुजर रही है, उसके साथ लगता एरिया बंजर हो गया है। इलाके में पानी का जलस्तर भी काफी नीचे गिर गया है। ऐसे में सरकार को नहर का पानी पंजाब के लोगों के लिए प्रयोग करना चाहिए।
विज्ञापन


जानकारी के मुताबिक मोहाली, राजपुरा और डेराबस्सी के किसान भी नहरी पानी से सिंचाई की मांग कर रहे हैं। किसानों की मांग है कि राज्य में नहर के पानी को रोका न जाए। साथ ही नहर से पक्के सूहे बनाकर सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध करवाया जाए। इसके लिए किसान संघर्ष की राह पर आ गए हैं। किसान आज यानी सोमवार को बनूड़ में मीटिंग कर आगे की रणनीति तैयार करेंगे।
 
‘सूए (नाले) की जमीन वापस करो’
एसवाईएल नहर के सूहों (नालों) के लिए एक्वायर की गई जमीन के मालिकों ने पानी देने या जमीन वापस करने की मांग की है। इनका कहना है कि आसपास के क्षेत्र में पानी का स्तर काफी नीचे चला गया है। नहर चलने से इन क्षेत्रों में पानी का स्तर ऊपर आ सकता है।

इसलिए हरियाणा को पानी न देकर राज्य की तहसीलों में पानी की कमी को पूरा किया जाए ताकि जमीन को बंजर होने से रोका जा सके। पानी न देने की सूरत में सूहों के लिए एक्वायर की गई करीब 500 एकड़ जमीन उन्हें वापस की जाए। बलवंत सिंह नडियाला, किसान नेता ने बताया कि पानी की मांग को लेकर पंजाब के राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा जाएगा। फिर भी मांग नहीं मानी तो किसान संघर्ष तेज करेंगे।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें