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पंजाब में जलाई जा रही है पराली, किसान बोले- मजबूरी है हमारी, सरकार कोई समाधान नहीं देती

Sat, 26 Sep 2020 01:00 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमृतसर (पंजाब)
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पराली जलाता किसान - फोटो : एएनआई
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मात्र 10 दिन पहले शुरू हुई धान की फसल की कटाई के बाद जिले में पराली जलाने के 55 मामले सामने आ चुके हैं। डीसी गुरप्रीत सिंह खेहरा ने किसानों से ऐसा न करने का आग्रह किया है। डीसी ने कहा कि किसान धान की पराली को न जलाएं, इसके लिए पंजाब सरकार द्वारा तैयार एप की मदद ली जा रही है। जिस खेत में आग लगी होगी, यह एप उसकी जानकारी उस क्षेत्र में तैनात अधिकारी को देगा। 

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डीसी ने बताया की प्रदेश में सबसे पहले धान की कटाई अमृतसर से शुरू होती है। धान के बाद किसान खेतों में सब्जी बोता है, इसलिए वह पराली को जला देता है। इस बार प्रशासन इसको रोकने की हर संभव कोशिश करेगा। इसके लिए गांव स्तर तक नोडल अधिकारी तैनात किए गए हैं। साथ ही गांव-गांव कलस्टर अधिकारी भी तैनात किए गए हैं, जो उपग्रह से खेत में आग लगाने की जानकारी मिलने के बाद खेत मालिक पर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। 

डीसी ने एसडीएम और राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वह अपने-अपने इलाके में तैनात किए सभी सेक्टर अधिकारियों पर नजर रखें। डीसी के अनुसार खेती विभाग के अधिकारियों ने गांव-गांव जाकर किसानों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान की जानकारी दी है। पराली की संभाल के लिए प्रशासन किसानों को सब्सिडी पर औजार उपलब्ध करवा रही है।

 
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किसान बोले- पराली जलाना मजबूरी है हमारी

अमृतसर के किसान जीत सिंह ने बताया कि किसान अपनी इच्छा से पराली नहीं जलाते। उन्हें पता है कि इससे लोगों को परेशानी होती है। लेकिन पराली जलाना हमारी मजबूरी है। सरकार इसका कोई समाधान उपलब्ध नहीं कराती। हमने प्रशासन से कहा कि वे इसके खत्मे का प्रबंध कराएं, लेकिन कोई ध्यान ही नहीं देता। न ही वे कोई कार्रवाई करते हैं। इसलिए फसल काटने के 10 दिन बाद हम इसे जला देते हैं, ताकि अगली फसल के लिए खेत तैयार किए जा सकें।
 
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