भाजपाइयों को बंधक बनाने के मामले में मुकदमे दर्ज होने पर किसान भड़क गए हैं। मंगलवार सुबह किसान नेताओं को हिरासत में लिए जाने पर उनके साथी और समर्थक राजपुरा में गगन चौक पर धरना देकर बैठ गए। इससे दिल्ली-अमृतसर और पटियाला-चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग छह घंटे जाम रहा।
दोपहर 12 बजे से शाम तक वाहन जाम में फंसे रहे, सिर्फ इमरजेंसी वाले वाहनों को निकलने दिया गया। किसान नेता मनप्रीत सिंह नीलपुर, रविन्द्रपाल सिंह खानपुर, दर्शन सिंह भोगला, विवेक बसंत की रिहाई की बाद किसानों ने शाम 6 बजे धरना समाप्त किया तो लोगों को जाम से राहत मिली। शाम 7 बजे तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम की स्थिती बनी रही। इस संबंध में डीएसपी राजपुरा गुरविंद्र सिंह से बात की तो उन्होंने प्रशासन से बात करने को कहा।
संगरूर में भी एसएसपी संगरूर को मांगपत्र देने पुलिस लाइन पहुंचे भाजपा नेताओं का किसानों ने विरोध किया। किसानों ने पुलिस लाइन के दोनों गेट बंद कर धरना लगा दिया और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं, भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धुपुर के प्रधान मान सिंह, हरजीत सिंह, करनैल सिंह लंग, भारतीय किसान यूनियन क्रांतिकारी के जिला प्रधान गुरध्यान सिंह, महासचिव जसविंद्र सिंह सहित अन्य किसान यूनियनों के नेताओं ने बताया कि राजपुरा में राष्ट्रीय राजमार्ग पर गगन चौक पर लगाया धरना साथियों की रिहाई के बाद फिलहात समाप्त कर दिया है। उन्होंने कहा कि आगे क्या करना है, इस बारे में सभी किसान संगठनों से बातचीत कर रूपरेखा बनाई जाएगी।
पटियाला में भाजपा का प्रदर्शन
राजपुरा में किसानों की ओर से भाजपा नेताओं को बंधक बनाने, उनके साथ मारपीट की घटना के विरोध में मंगलवार को सीएम सिटी में भाजपा ने अनारदाना चौक पर रोष प्रदर्शन किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री का पुतला फूंक कर जमकर नारेबाजी की और घटना में आरोपी किसानों की जल्द गिरफ्तार करने की मांग की। साथ ही मांग की है कि पर्चे में उन किसानों को भी नामजद किया जाए, जिनकी पहचान पीड़ित भाजपा नेताओं द्वारा की जा रही है।
पटियाला में भाजपाइयों में आपस में ही गुटबाजी है। भाजपाई बिना किसी वजह के पुलिस को लपेटे में ले रहे हैं। पुलिस की जिम्मेदारी किसी एक व्यक्ति की जान-माल की रक्षा करना नहीं, बल्कि सभी की है। केसर सिंह, एसपी।