संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर सोमवार को किसान और किसान समर्थकों ने गांव रायपुरकलां के पास रेलवे क्रासिंग पर ट्रैक पर धरना शुरू कर दिया। रेल रोको प्रदर्शन में पेंडू संघर्ष कमेटी, भारतीय किसान यूनियन (चढूनी ग्रुप) और टिकैत, नौजवान किसान एकता, किसान एकता समेत अन्य संगठनों ने हिस्सा लिया।
नौजवान किसान एकता (चढूनी) चंडीगढ़ इकाई के अध्यक्ष किरपाल सिंह ने बताया कि सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक रेल की पटरी पर बैठेंगे। इस दौरान ट्रेनें नहीं चलने दी जाएंगी। यह रेल रोको आंदोलन लखीमपुर खीरी मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री को बर्खास्त करने की मांग को लेकर किया जा रहा है।
किसान तीन कृषि कानूनों को निरस्त कराने के लिए पिछले एक साल से दिल्ली की सीमाओं पर धरने पर बैठे हैं। किसान और उनके समर्थक भाजपा के कार्यक्रमों का विरोध कर रहे हैं। किसानों ने कहा कि आंदोलन कृषि कानूनों को रद्द कराने तक जारी रहेगा। इस मौके पर रेल की पटरी पर ही लंगर चल रहा है। पुलिस बल भी काफी संख्या में तैनात है।
गांव रायपुर कलां के निवासी और पेंडू संघर्ष कमेटी के पदाधिकारी शरणजीत सिंह ने बताया कि धरना शांतिपूर्ण रहेगा। इस मौके पर लाभ सिंह, ज्ञान सिंह, जसबीर सिंह, गुरमुख सिंह, जोगा सिंह, सुखजीत सिंह, रंजीत सिंह, राज कौर गिल, हरमनप्रीत कौर, दलजीत कौर, चरण कौर समेत बड़ी संख्या में लोग रेल पटरी पर बैठे हैं।
यात्रियों की बढ़ी परेशानी
डेराबस्सी के दप्पर स्टेशन पर ट्रेन रोकने की वजह से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। चंडीगढ़ जाने वाली ट्रेन के यात्रियों का कहना है कि किसानों द्वारा 'रेल रोको' आंदोलन के कारण मुश्किलों का सामना करना पड़ा है।
लखीमपुर खीरी में मरे गए किसानों का अस्थि कलश चंडीगढ़ पहुंचा
लखीमपुर खीरी में गाड़ी से कुचलकर मारे गए किसानों का अस्थि कलश रविवार की शाम को चंडीगढ़ पहुंचा। किसानों का अस्थि कलश गांव खुड्डा अलीशेर के दुख निवारण साहिब गुरुद्वारा में रखा गया है। मृतक किसानों का अस्थि कलश लेकर संयुक्त किसान मोर्चा के नेता रवि आजाद और अभिमन्यु कोहाड़ और एडवोकेट अमित सांगवान पहुंचे। गांव खुड्डा अलीशेर पहुंचकर बाबा गुरदियाल सिंह को अस्थि कलश सौंपा। गुरुद्वारा साहिब में यह संकल्प लिया कि अस्थि कलश यात्रा को चंडीगढ़ की हर गली से निकालते हुए शहीद किसान साथियों को श्रद्धांजलि दी जाएगी।