भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहां) के राष्ट्रीय महासचिव सुखदेव सिंह (कोकरी कलां) ने बताया कि कृषि कानूनों को लेकर केंद्र के अड़ियल रुख को देखते हुए आगे भी बदलाव करते रहेंगे। आंदोलन अभी लंबा खींचना है, इसलिए आंदोलन की रणनीति भी उसी तरह से बनाई जा रही है। समय के साथ ही आंदोलन मजबूत हो रहा है, अभी टिकरी और सिंघु बॉर्डर पर आयोजित धरने में और भी किसानों के जत्थे रवाना हो गए हैं। जल्द ही आंदोलन और वृहद रूप ले लेगा।
फर्जी किसान संगठन सरकार के साथ
किसान संगठनों का कहना है कि आंदोलन को कमजोर करने के लिए केंद्र की सरकार फर्जी किसान संगठन खड़े कर रही है। जो कृषि कानूनों के पक्ष में बयान दे रहे हैं। जिनको सरकार अपने फायदे में प्रयोग कर आंदोलन को बांटने का प्रयास कर रही है लेकिन सरकार के ये मंसूबे कभी कामयाब नहीं होने दिए जाएंगे।
केंद्र सरकार आंदोलन को कमजोर करने में लगी है। हम आंदोलन को और मजबूत करने में लगे हैं। हम सरकार का सब्र देख रहे हैं और सरकार हमारा। केंद्र सरकार यह सोच रही है कि आंदोलन लंबा खींचने पर कमजोर होगा लेकिन यह सोच गलत है। हम आंदोलन को और मजबूत बनाने पर काम कर रहे हैं, जल्द ही इसके परिणाम सरकार को दिख जाएंगे। - जोगिंदर सिंह उगराहां, प्रधान, भारतीय किसान यूनियर (एकता उगराहां)