भारत, पाकिस्तान, ईरान, ईराक, अफगानिस्तान और एशिया के अन्य आतंकवाद प्रभावित देशों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करने के कारण भारत विकासशील देशों की सूची में अग्रणी बनकर उभरा है। इस दौरान रक्षा विशेषज्ञों ने अलग-अलग आतंकवादी संगठनों की कार्यप्रणाली के बारे में भी विस्तृत चर्चा की।
अमरीका पर 9/11 के आतंकी हमले पर बात करते हुए डॉ. फेयर ने कहा कि आतंकवादी हमलों के पीछे किसी न किसी ताकत का हाथ जरूर होता है और आतंकवादियों को पैसा मुहैया करवाने वाले देश इसके लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने अमरीका की तरफ से अफगानिस्तान में तालिबान के सफाए के लिए उठाए कदम को उचित बताया।
आतंकी संगठनों का सोशल मीडिया पर प्रचार बेहद खतरनाक
रक्षा विशेषज्ञों ने कहा कि आतंकी संगठनों का सोशल मीडिया पर प्रचार चिंता का बड़ा विषय है, जो बेहद खतरनाक है। उन्होंने कहा कि आज तालिबान सोशल मीडिया का खूब सहारा लेकर अपना आतंकी एजेंडा आगे बढ़ा रहा है। आतंकवादी संगठन बहुत से संदेश और वीडियो सोशल मीडिया के जरिए ही फैलाते हैं। अमरीका में नई सरकार के गठन के साथ तालिबान संबंधी नीतियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा, इस बारे उन्होंने कहा कि यह भविष्य तय करेगा कि नई अमरीकी सरकार क्या योजना तैयार करती है।