पंजाब एवं हरियाणा के गवर्नर को चंडीगढ़ में मांग पत्र देने जा रहे किसानों को रोकने लिए चंडीगढ़ पुलिस ने वाईपीएस स्कूल के पास बैरिकेड्स लगा रखे थे। जब किसानों ने बैरिकेड्स पार करने की कोशिश की तो पुलिस ने उन पर पानी की बौछार कर दी।
इसमें भारतीय किसान यूनियन के नेता अजमेर सिंह लख्खोवाल समेत दर्जनों किसानों की पगड़ियां उतर र्गइं। वहीं, पुलिस धक्कामुक्की में कई किसानों को चोट आई। पुलिस की कार्रवाई से नाराज किसानों ने चंडीगढ़ सीमा पर ही धरना शुरू कर दिया।
जानकारी के मुताबिक, वीरवार सुबह ही किसान फेज-8 स्थित गुरुद्वारा अंब साहिब के पास पहुंचना शुरू हो गए थे। किसानों के प्रदर्शन के चलते पुलिस की तरफ से पूरे इंतजाम किए गए थे। दोपहर को किसानों ने चंडीगढ़ की तरफ कूच की। इस दौरान किसान नेता ट्रैक्टर पर सवार होकर जा रहे थे, जबकि अन्य किसान पैदल चल रहे थे।
जैसे ही किसान चंडीगढ़ की सीमा पर पहुंचे तो उन्होंने चंडीगढ़ में प्रवेश करने की कोशिश की। इस दौरान चंडीगढ़ पुलिस ने वाटर कैनन से किसानों पर पानी की बौछार शुरू कर दी। इस दौरान स्टार्ट ट्रैक्टर से चालक नीचे उतर गया। साथ ही ट्रैक्टर धीरे-धीरे चलते हुए बैरिकेड से जा टकराया।
इस मौके पर अजमेर सिंह ने कहा कि किसान शांतमयी ढंग से गवर्नर को मांग पत्र देने जा रहे थे। जबकि चंडीगढ़ पुलिस ने किसानों पर गलत कार्रवाई की। वहीं, उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि किसानों का कर्ज माफ किया जाए। उनकी कम से कम आमदनी निर्धारित की जाए। वहीं, खेतीबाड़ी का बजट अलग तरीके से पेश किया जाए। उन्होंने पंजाब सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
किसानों के चलते आम लोग हुए परेशान
किसानों के प्रदर्शन के चलते आम लोग भी परेशान हुए। क्योंकि पुलिस ने धरने के चलते काफी समय पहले ही उक्त सड़क से आवाजाही बंद कर दी थी। इसके चलते लोगों को मिनटों के सफर के लिए पूरे शहर का चक्कर लगाना पड़ा।