हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सब्जी व फूल उत्पादक किसानों को नोटबंदी से हो रही परेशानियों को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है।
उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण प्रदेश के किसान बर्बादी के कगार पर हैं। नोटबंदी के बाद विशेषकर एनसीआर क्षेत्र के सब्जी और बागवानी का काम कर किसानों पर घोर संकट आ गया है।
इन्हें सब्जी व बागवानी से मजदूरी निकलना तो दूर, मंडी तक जाने का भाड़ा भी नसीब नहीं हो रहा है। जो फूल नोटबंदी से पहले 50 रुपये से 75 रुपये प्रति किलो बिकता था, उसका भाव आज 5 से 8 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है।
भाजपा सरकार पर लगाया उपेक्षापूर्ण रवैया अपनाने का आरोप
Manohar Lal Khattar
दाम के मामले में सब्जियों की तो भारी दुर्गति हो रही है। आलू, मटर, गाजर, गोभी, टमाटर व प्याज का मंडियों में कोई ग्राहक नहीं है। किसानों की बैंकिंग तथा स्मार्ट फोन के इस्तेमाल की कम जानकारी ने संकट को और गहरा दिया है।
इससे किसानों के साथ-साथ सब्जी व बागवानी का काम कर रही लेबर भी पलायन कर गई है। हुड्डा ने कहा कि सब्जी उत्पादकों व बागवानी करने वाले किसानों जैसी स्थिति ही दुग्ध उत्पादकों की भी है।
इससे पहले वे प्रदेश के धान, कपास, बाजरा तथा पॉपुलर उत्पादक किसानों की समस्याओं को तथ्यों के साथ सरकार के सामने रख चुके हैं। लेकिन, लगता है सरकार का किसानों की समस्याओं से कोई वास्ता नहीं है। यदि किसानों के प्रति सरकार का ऐसा ही नकारात्मक रवैया रहा तो वह किसानों की लड़ाई सड़क से लेकर विधानसभा तक लड़ने में संकोच नहीं करेंगे।