फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पंजाब: किसानों के सीएम चेहरा बलबीर सिंह राजेवाल की जमानत जब्त, आप की आंधी में नहीं बची इन दिग्गजों की साख

Sat, 12 Mar 2022 12:58 AM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)

सार

लुधियाना की 14 विधानसभा सीटों पर 175 उम्मीदवार खड़े थे और 139 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। यही नहीं, जिले में 14 में से छह विधायकों की भी जमानत जब्त हुई है।
विज्ञापन
बलबीर सिंह राजेवाल - फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

विधानसभा चुनाव में आप की आंधी ने कई धुरंधरों को उड़ा दिया। कई की जमानत जब्त हो गई। सिर्फ हलका दाखा से अकाली विधायक मनप्रीत अय्याली अपनी सीट बचाने में कामयाब रहे हैं। हालात ये रहे कि लुधियाना में कई दिग्गज तो अपनी जमानत भी नहीं बचा सके। इनमें से सबसे बड़ा चेहरा है किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल का। 

विज्ञापन


संयुक्त समाज मोर्चा के सीएम चेहरा बलबीर सिंह राजेवाल को सिर्फ 4600 के करीब वोट मिले। इसके अलावा लोक इंसाफ पार्टी के प्रमुख सिमरजीत सिंह बैंस के साथ पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पौत्र और सांसद रवनीत सिंह बिट्टू के भाई कैबिनेट मंत्री गुरकिरत सिंह कोटली की भी जमानत जब्त हो गई। 

लुधियाना की 14 विधानसभा सीटों पर 175 उम्मीदवार खड़े थे और 139 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। यही नहीं, जिले में 14 में से छह विधायकों की भी जमानत जब्त हुई है। इतने बड़े स्तर पर नेताओं की जमानत जब्त होना इस चुनाव का सबसे दिलचस्प पहलू है। 
विज्ञापन


ऐसे जब्त होती है जमानत
विधानसभा चुनाव लड़ने के दौरान जिला चुनाव अधिकारी के पास 10 हजार रुपये जमा करवाने होते हैं। अगर कुल मतदान का छठा हिस्सा (16.67 प्रतिशत) किसी उम्मीदवार को नहीं मिलता है तो इसे उनकी जमानत जब्त हुई माना जाता है और यह पैसे वापस नहीं दिए जाते हैं। अन्यों को यह रुपये वापस कर दिए जाते हैं। लोगों ने आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों को दिल खोलकर वोट दिए हैं। लगभग सभी सीटों पर तिकोना मुकाबला देखने को मिला है। यही कारण है कि पहले तीन नंबर पर आने वाले उम्मीदवार ही अपनी जमानत बचा पाए और बाकी सभी की जमानत जब्त हुई।

सरकारी दफ्तरों से गायब हुईं मंत्रियों की तस्वीरें
आप को बहुमत मिलने के बाद भावी मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पहले भाषण में ही यह एलान किया कि सरकारी दफ्तरों में मंत्रियों के फोटो नहीं होंगे। पंजाब में सरकार का शपथ ग्रहण समारोह होने के बाद दफ्तरों में डॉ. भीमराव आंबेडकर और शहीद भगत सिंह की तस्वीरें लगेंगी। दफ्तरों से मंत्रियों के फोटो हटाने का काम शुरू हो गया है। शुक्रवार को नगर परिषद जगरांव में बने परिषद प्रधान के दफ्तर और फायर अफसर के दफ्तर में पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी एवं मंत्रियों की तस्वीरों की जगह शहीद-ए आजम भगत सिंह एवं भारत के संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर की तस्वीरें देखने को मिलीं।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें