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हरियाणा: वोकेशनल शिक्षकों का मानदेय 7259 रुपये बढ़ा, अब लाभार्थियों के घर पहुंचेंगे बीपीएल, आयुष्मान और राशन कार्ड

Sat, 12 Mar 2022 12:40 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

हरियाणा में बीपीएल, आयुष्मान और राशन कार्ड अब लाभार्थियों को घर-द्वार पर मिलेंगे। पात्रों को इन्हें लेने के लिए किसी सरकारी दफ्तर में नहीं जाना पड़ेगा।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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हरियाणा सरकार ने वोकेशनल शिक्षकों के मानदेय में 7259 रुपये की बढ़ोतरी की है। बढ़ा हुआ मानदेय एक जनवरी से लागू होगा। अब 23 हजार 241 के बजाय 30 हजार 500 मिलेंगे। हर साल पांच फीसदी वेतन वृद्धि करने का फैसला भी लिया है। इससे दो हजार से अधिक अध्यापकों को लाभ मिलेगा। इस संबंध में शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. महावीर सिंह ने शुक्रवार को लिखित आदेश जारी किया है। 

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मानदेय बढ़ोतरी के लिए वोकेशनल शिक्षक लंबे समय से धरना प्रदर्शन कर रहे थे और सरकार की ओर से आश्वासन दिए जाने के बाद आंदोलन समाप्त किया था। फिलहाल यह शिक्षक स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद में निजी कंपनियों के तहत काम कर रहे थे। इनको आने वाले सयम में ठेकेदारी प्रथा से भी मुक्त कराने का फैसला लिया गया है। 

बीपीएल, आयुष्मान और राशन कार्ड पहुंचेंगे लाभार्थियों के घर
हरियाणा में बीपीएल, आयुष्मान और राशन कार्ड अब लाभार्थियों को घर-द्वार पर मिलेंगे। पात्रों को इन्हें लेने के लिए किसी सरकारी दफ्तर में नहीं जाना पड़ेगा। पात्रता के आधार पर सरकारी अधिकारी लोगों को देय लाभ देने के लिए घर पर पहुंचेंगे। नए वित्त वर्ष से लाखों लोगों को यह सुविधा मिलना शुरू हो जाएगी। योजना शुरू करने का काम इसी महीने पूरा हो जाएगा।
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यह सब परिवार पहचान पत्र से संभव होने जा रहा है। पीपीपी में सत्यापित आय के आधार पर सार्वजनिक वितरण प्रणाली व आयुष्मान भारत में सबसे गरीब परिवारों को जोड़ने का काम भी इस महीने से स्वत शुरू हो जाएगा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि वह खुद इसकी निगरानी कर रहे हैं। अभी बीपीएल, आयुष्मान व राशन कार्ड बनवाने के लिए लोगों को सरकारी कार्यालयों में चक्कर लगाने पड़ते थे। भाई-भतीजावाद के कारण अनेक लोगों को पात्र होने के बावजूद लाभ नहीं मिल पाता था। उनकी सरकार ने इस प्रथा को बंद कर पात्रों को घर पर ही तीनों सुविधाएं मुहैया कराने का निर्णय लिया है।

जरूरत पड़ने पर नई योजनाएं शुरू करेगी सरकार
मुख्यमंत्री परिवार उत्थान योजना प्रदेश में गरीब परिवारों को स्थायी तौर पर आजीविका मुहैया कराएगी। 2022-23 में दो लाख परिवारों को रोजगार मुहैया कराकर उनकी आय 1.80 लाख सालाना तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए मौजूदा योजनाओं में संशोधन किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर गरीबों के उत्थान के लिए नई योजनाएं भी शुरू की जाएंगी। पीपीपी में लोगों की ओर से सत्यापित की गई आय को दुरुस्त करने का भी मौका दिया है। वे पोर्टल पर जाकर दस्तावेज अपलोड कर अपनी वास्तविक आय में बदलाव कर सकते हैं।

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