कर्ज माफी की उम्मीद टूटने के बाद कुलवीर सिंह ने पिछले साल से फिर किस्तें देनी शुरू कर दी। इस साल लॉकडाउन के कारण वह किस्तें देने में फिर असमर्थ हो गए। इसके बाद बैंकों से नोटिस आने लगे। परेशान कुलवीर सिंह ने बुधवार देर शाम घर में रखी जहरीली दवा निगल ली। परिजन उन्हें सिविल अस्पताल माहिलपुर ले गए। वहां से उन्हें होशियारपुर रेफर कर दिया गया जहां देर रात उनकी मौत हो गई।
मृतक किसान कुलवीर सिंह के भाई कुलविंदर सिंह का कहना है कि उनके भाई आत्महत्या कभी नहीं करते, अगर कैप्टन कर्ज माफी की घोषणा न करते। कुलवीर सिंह पर पीएडी बैंक माहिलपुर का करीब तीन लाख साठ हजार, द एग्रीकल्चर कोआपरेटिव सोसाइटी टूटोमजारा का एक लाख 42 हजार और अन्य बैंकों का करीब एक लाख का कर्ज था।
पीएडीबी माहिलपुर और द एग्रीकल्चर कोआपरेटिव सोसाइटी टूटोमजारा ने उन्हें नोटिस भेजे थे। मृतक की बेटी गुरिंदर कौर ने कहा कि हमारे पास सिर्फ सात कनाल जमीन है और पिता ने साढ़े तीन लाख कर्ज लिया हुआ था, जो ब्याज लग कर साढ़े सात लाख हो चुका था। पिता तो इस दुनिया से चले गए। अब भी हमें कोई उम्मीद नहीं कि सरकार कर्ज माफ कर पाएगी।