बारिश के कारण फसल खराब होने और चार लाख के कर्ज से परेशान होकर मानसा के एक किसान ने शनिवार रात खुदकुशी कर ली। गांव चहलावाली के रूप सिंह ने मौड़ मंडी बठिंडा में ट्रेन के नीचे आकर जान दी।
किसान यूनियन ने सरकार से कर्ज माफी के अलावा परिवार के लिए सरकारी नौकरी और खराब फसल के मुआवजे की मांग की है।
जानकारी के अनुसार गांव चहलावाली के किसान रूप सिंह (62) ने साढ़े तीन एकड़ में नरमे की फसल बोई थी। उस पर दो लाख रुपये आढ़ती और दो लाख रुपये सहकारी बैंक का कर्ज था। इस कारण उसने दो एकड़ जमीन चार लाख रुपये में गिरवी रखी हुई थी।
इसके बाद उसने दो एकड़ जमीन 80 हजार रुपये में ठेके पर लेकर अपनी डेढ़ एकड़ जमीन समेत नरमे की फसल बोई लेकिन इन दिनों हुई तेज बारिश के कारण पूरी फसल खराब हो गई। इससे रूप सिंह लगातार तनाव में था और शनिवार रात उसने ट्रेन के आगे छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली।
भारतीय किसान यूनियन एकता उग्राहां के जिलाध्यक्ष राम सिंह भैणीवाघा ने कहा कि सरकार की नीतियों, बैंक के कर्ज के बाद बारिश से खराब फसलों के कारण किसान खुदकुशी करने को मजबूर हैं। उन्होंने सरकार से रूप सिंह के परिवार को 10 लाख रुपये, परिवार के एक सदस्य को नौकरी, खराब हुई फसल का मुआवजा देने और कर्ज माफ करने की मांग की है।