टीवी चैनल पर शारीरिक दुर्बलता दूर करने का दावा करने वाली एक कंपनी पर उपभोक्ता फोरम ने 50 हजार रुपये का जुर्माना ठोका है। न्यायालय ने उत्तर प्रदेश की इस दवा कंपनी को नौ प्रतिशत ब्याज सहित मूल राशि देने के आदेश दिए हैं।
साथ ही जिला उपभोक्ता फोरम ने अपने फैसले में लोगों से चैनलों पर इस प्रकार के दावे करने वाले विज्ञापनों से बचने की सलाह भी दी है। मामला हिररियणा के सिरसा का है। कोर्ट ने दवा कंपनी से कहा कि एक माह के अंदर कंपनी जुर्माना राशि व उसके द्वारा खरीदी गई दवा की रकम का भुगतान करे।
जानकारी के अनुसार एक टीवी चैनल पर शारीरिक दुर्बलता दूर करने वाली दवा का विज्ञापन देखकर सिरसा निवासी पवन कुमार ने यूपी के जिला गाजियाबाद स्थित ‘जीवन आयुर्वेद कंपनी’ का विज्ञापन टीवी चैनल पर देखा और कंपनी के दावे पर भरोसा करके शारीरिक दुर्बलता दूर करने की दवा मंगवा ली।
पवन कुमार ने पांच हजार रुपये दवाई राशि के तौर पर कंपनी को दिए। कुछ दिनों तक दवा लेने के बाद भी इसका कोई प्रभाव नहीं हुआ। जब पवन ने कंपनी से संपर्क किया तो उसे कोर्स पूरा करने के नाम पर और दवा लेने को कहा गया।
पवन ने दूसरी बार कंपनी से कुल 13 हजार 270 रुपये की दवा खरीदी। एक माह बीत जाने के बाद भी दवा ने जब कोई असर नहीं दिखाया तो पवन कुमार ने मई 2015 में जिला उपभोक्ता फोरम का दरवाजा खटखटाया। उपभोक्ता न्यायालय ने मामले पर सुनवाई करते हुए गाजियाबाद स्थित ‘जीवन आयुर्वेद कंपनी’ को 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया।