चंडीगढ़। जीएमसीएच-32 के अत्याधुनिक ट्रॉमा सेंटर में शुक्रवार सुबह बड़ा हादसा होते-होते टल गया। ट्रॉमा सेंटर के मुख्य प्रवेश द्वार पर लगी फॉल सीलिंग अचानक भरभराकर नीचे गिर गई। हादसे के समय मेन गेट एरिया में मरीजों, उनके परिजनों और सुरक्षाकर्मियों की आवाजाही बनी हुई थी। इस दौरान एक व्यक्ति के घायल होने की सूचना है, जिसे तत्काल अस्पताल में उपचार उपलब्ध कराया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यदि सीलिंग गिरने का समय कुछ सेकंड आगे-पीछे होता तो कई लोग इसकी चपेट में आ सकते थे। ट्रॉमा सेंटर का यह हिस्सा 24 घंटे सबसे अधिक भीड़भाड़ वाला रहता है। घटना के बाद कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि फॉल सीलिंग का छोटा हिस्सा गिरा था और इंजीनियरिंग विभाग ने तुरंत मरम्मत करवा दी।
ट्रॉमा सेंटर का उद्घाटन 9 अगस्त 2025 को पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने किया था। इसे चंडीगढ़ समेत आसपास के क्षेत्रों के लिए अत्याधुनिक आपातकालीन सुविधा के रूप में तैयार किया गया था लेकिन उद्घाटन के महज छह माह के भीतर ही निर्माण गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
पहले भी सामने आ चुकी हैं खामियां
करीब दो माह पहले भी ट्रॉमा सेंटर में डॉक्टरों के शौचालय की टाइल्स गिरने और फॉल सीलिंग क्षतिग्रस्त होने की घटना सामने आई थी। इसके बावजूद स्थायी काउंटर, शौचालय और चेंजिंग रूम जैसी मूलभूत सुविधाओं का अब तक अभाव है। कर्मचारियों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, जिससे बड़े हादसे का खतरा बना हुआ है।