चंडीगढ़। चंडीगढ़ नए आपराधिक कानूनों को पूर्ण रूप से लागू करने वाला देश का पहला राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश बन गया है। इन कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के चलते अब तक 89 प्रतिशत मामलों में अपराधियों को सजा दिलाई जा चुकी है। यह जानकारी शुक्रवार को यूटी सचिवालय में गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव प्रवीन कुमार राय को दी गई।
संयुक्त सचिव ने चंडीगढ़ प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन को लेकर समीक्षा बैठक की। बैठक का उद्देश्य गृह मंत्रालय की प्रमुख पहलों, विशेष रूप से नए कानूनों की प्रगति का आकलन करना था। बैठक में गृह सचिव मंदीप सिंह बराड़, पुलिस महानिदेशक डॉ. सागर प्रीत हुड्डा सहित प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रशासन ने बताया कि पुलिस, जेल, अभियोजन, फॉरेंसिक विशेषज्ञों और न्यायपालिका सहित आपराधिक न्याय प्रणाली से जुड़े सभी हितधारकों का प्रशिक्षण पूरा कर लिया गया है। इससे नए कानूनी ढांचे को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करना संभव हो सका है।
बैठक में डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसे ई-साक्ष्य, ई-समन, ई-प्रॉसिक्यूशन, न्याय-सेतु और न्याय-श्रुति की प्रगति की भी समीक्षा की गई। एफआईआर और चार्जशीट को इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से अदालतों से साझा करने की व्यवस्था से न्यायिक प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और अधिक सुगम बनाने की दिशा में चंडीगढ़ ने अहम कदम बढ़ाया है।