सुखना लेक के गिरते जलस्तर की समस्या को लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की ओर से लिए गए संज्ञान मामले में बेंच बदलने के चलते शनिवार को सुनवाई नहीं हो सकी।
मामले की सुनवाई अब तक जस्टिस एके मित्तल की खंडपीठ कर रही थी। इसी बीच अचानक इसे जस्टिस एसएस सारौं की खंडपीठ के सामने लगा दिया गया।
इससे पूर्व स्वत: संज्ञान याचिका की सुनवाई के दौरान यूटी प्रशासन की तरफ से पाइप लाइन के जरिए सुखना को पानी से भरने का निर्णय लिया गया था।