नगर निगम के लापरवाह अधिकारियों ने भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहीदी दिवस पर आयोजित समारोह के इनविटेशन कार्डों और होर्डिंग्स पर इंडियन आर्मी की जगह यूएस आर्मी के फोटो लगा दिए। गलती का एहसास होने पर निगम ने रातोंरात शहर में अलग-अलग जगह लगे होर्डिंग्स को उतार लिया।
समारोह के लिए नया बोर्ड बनवाकर मंच पर लगाया गया। इसमें सिर्फ भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की ही फोटो लगी थी। वहीं निगम की किरकिरी के बाद अब मेयर पूनम शर्मा इस पूरे मामले की जांच करवाने का भरोसा दे रहीं हैं, जबकि निगम अधिकारियों का कहना है कि उनकी कोई गलती नहीं है। उन्होंने यह फोटो इंटरनेट से डाउनलोड की है।
ये कैसा सम्मान
दरअसल सैनिकों की इंटरनेट पर मौजूद मूल तस्वीरों में वर्दी पर अमेरिका का फ्लैग लगा था, जिसे एडिट कर निमंत्रण पत्र पर इस्तेमाल किया गया। इसका मतलब यह हुआ कि यह जानते हुए भी कि ये अमेरिकी सैनिक हैं, फोटो का इस्तेमाल किया गया। कार्ड में सैनिकों के बायें हाथ में राइफल है, इसके अलावा सैनिकों के हेलमेट भी अमेरिका के सैनिकों के हैं जिससे साफ पता चल रहा है कि यह भारतीय सैनिकों की नहीं, बल्कि अमेरिकी सैनिकों की तस्वीरें हैं।
शहीद विक्रमजीत सिंह का सम्मान नहीं मिला
18 वीर नारियों को मिला सम्मान
शहर में अलग-अलग जगह लगे शहीदी समारोह के होर्डिंग्स पर गलती की जानकारी नगर निगम के अधिकारियों को रविवार देर शाम ही लग गई थी। इसके बाद शहर से इन्हें हटवाया गया।
समारोह में वेस्टर्न कमांडेंट के चीफ लेफ्टिनेंट जनरल केजे सिंह ने बतौर मुख्य अतिथि रहे। समारोह में कुल 18 वीरांगनाओं को सम्मानित किया गया, जबकि 30 वीरांगनाओं को समारोह के लिए निमंत्रण भेजा गया था।
जम्मू के सांबा आर्मी कैंप में साल 2013 में आतंकी हमलों में शहीद हुए विक्रमजीत सिंह ने माता-पिता भी समारोह में पहुंचे थे, लेकिन उन्हें सम्मानित नहीं किया गया। विक्रमजीत सिंह के अभिभावकों ने ले. जनरल केजे सिंह के समक्ष रोष भी जताया, जबकि मां लवप्रीत के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे।
बता दें कि सेक्टर-33 के टैरेस गार्डन में बने स्मारक पर शहीद विक्रमजीत सिंह का नाम भी प्रिंट है। उधर सैनिक वेलफेयर अधिकारी आरके सिंह का कहना है कि विक्रमजीत सिंह की पत्नी को सम्मानित होने के लिए निमंत्रण भेजा गया था, जो कि इस समय मोहाली में रहती हैं।
उनका कहना है कि शादीशुदा सिपाही शहीद होता है तो उनकी पत्नी को ही सम्मानित किया जाता है। उनका कहना है कि उनकी पत्नी इस समारोह में शामिल होने के लिए नहीं आई है।
'मेयर और अधिकारियों की लापरवाही'
रिटायर्ड ब्रिगेडियर कुलदीप चांदपुरी का कहना है कि निमंत्रण कार्ड छपवाने के लिए अंतिम बार सैंपल को अधिकारियों को चेक करना चाहिए या फिर किसी आर्मी अधिकारी से चेक करवाना चाहिए था।
सीनियर डिप्टी मेयर राजेश गुप्ता का कहना है कि निमंत्रण कार्ड में यूएस सिपाहियों की फोटो प्रिंट होना मेयर और अधिकारियों की लापरवाही है। यह हमारे देश की फौज का अपमान है। उन्हें सिर्फ एक ही निमंत्रण कार्ड मिला, जबकि सीनियर डिप्टी मेयर होने के नाते उन्हें अपने जानकार और समर्थकों को कार्ड बांटने के लिए नहीं दिए गए।
किसी को ठेस पहुंचाने की मंशा नहीं थी
वित्त एवं अनुबंध कमेटी के सदस्य सुभाष चावला का कहना है कि टैरेस गार्डन में हुआ समारोह मेयर के प्रयास से काफी सफल रहा। उनका कहना है कि निमंत्रण कार्ड में जो आर्मी सिपाहियों की तस्वीर छपी है वह इंटरनेट से डाउनलोड की गई है, लेकिन किसी को ठेस पहुंचाने की मंशा निगम की नहीं थी।