हवालाती को लुधियाना से लाने ले जाने के लिए एएसआई अजमेर सिंह की ड्यूटी लगी थी। लेकिन पुलिस टीम बस से जाने की जगह आरोपी द्वारा मुहैया करवाई गई कार से गए और वहां से आरोपी फरार हो गया।
इसके बाद एएसआई उसी कार से वापस तलवंडी भाई चौक पर पहुंचे और यहां पर उन्होंने हवालाती के पुलिस कस्टडी से चार लोगों द्वारा पिस्तौल के बल पर छुड़ाए जाने की झूठी कहानी रच दी।
डीएसपी ने बताया कि जब जांच शुरू हुई तो घटनास्थल पर पहुंचने पर पता चला कि यहां पर ऐसी कोई घटना घटी ही नहीं। लुधियाना पुलिस टीम के एएसआई अजमेर सिंह से पूछताछ की गई तो उन्होंने सच बता दिया। इस मामले में पुलिस ने चोहला साहिब से संबंधित थाने में एएसआई और हवलदार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।
बस की जगह उपलब्ध करवाई गई कार में बैठकर पेशी की यह दूसरी घटना है। इसके पहले पिछले साल जुलाई में फिरोजपुर के थाने के पास जुड़वा नहरों से कुख्यात तस्कर सिंह उर्फ राणा पुलिस कस्टडी से फरार हो गया था। उस समय भी पटियाला पुलिस के जवान उसे बस में न लाकर उसके द्वारा मुहैया करवाई गई कार में सवार थे।