पेशे से वकील एक युवक और युवती ने 100 नंबर पर फर्जी शिकायत कर दी, जिसका उन्हें भारी हर्जाना भुगतना पड़ा। मामला चंडीगढ़ का है। पुलिस कंट्रोल रूम पर फोन कर सेक्टर-44डी निवासी व्यक्ति पर छेड़खानी के झूठे आरोप लगाने के मामले में ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत ने युवती और फोन करने वाले को दोषी पाया और दोनों पर 3-3 हजार रुपये जुर्माना लगाया।
दोषियों में सेक्टर-44डी निवासी पूजा मल्होत्रा और मोहाली निवासी एडवोकेट सुमित ग्रोवर है। मामला 2 अगस्त 2013 का है। मोहाली निवासी सुमित ग्रोवर ने चंडीगढ़ पुलिस कंट्रोल रूम को शिकायत दी थी कि सेक्टर-43-44 के स्मॉल चौक के पास उनकी क्लाइंट पूजा मल्होत्रा से एक कार सवार व्यक्ति ने छेड़छाड़ की है।
उन्होंने पुलिस को कार का नंबर भी बताया था। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो वहां न पीड़ित लड़की मिली और न ही कार चालक। पुलिस ने कार नंबर के आधार पर उसके मालिक का पता किया और उनके घर पहुंची। कार सेक्टर-44डी निवासी इशप्रीत सिंह की थी।
पुलिस ने उनसे पूछताछ की तो सामने आया कि इशप्रीत ने पड़ोस में किराए के मकान में रहने वाली एक महिला और उसकी तीन बेटियों के खिलाफ रेजिडेंट वेलफेयर सोसाइटी में शिकायत की हुई थी। उन्होंने उन पर कॉलोनी का माहौल बिगाड़ने समेत अन्य आरोप लगाए थे। उनका कहना था कि उसके बाद से ही वह उनसे रंजिश रख रही थी।
इसके बाद पुलिस ने जांच की तो पाया कि जिस समय उनके सेक्टर-43-44 में होने की शिकायत की गई थी उस समय इशप्रीत के फोन की लोकेशन नयागांव के आसपास की थी। पुलिस ने फोन करने वाले को कॉल किया तो उसने बताया कि उनकी क्लाइंट पूजा मल्होत्रा ने उन्हें फोन कर घटना की जानकारी दी थी। इसके बाद उन्होंने पुलिस को फोन किया था।
पुलिस ने जांच में पाया कि सुमित और पूजा ने इशप्रीत को फंसाने के लिए पुलिस को गलत और झूठी सूचना दी थी। इसके बाद डीएसपी (कंट्रोल रूम) ने कोर्ट को इनके खिलाफ नुकसान पहुंचाने के लिए झूठी शिकायत देना और अपराधिक साजिश रचने की धाराओं के तहत कार्रवाई की अपील की थी।
वहीं, पूजा ने कोर्ट में कहा था कि उसने सुमित को कोई कॉल नहीं किया था। इस पर पुलिस ने दोनों के बीच की कॉल डिटेल कोर्ट में पेश की थी। साथ ही इशप्रीत की कॉल लोकेशन का रिकार्ड पेश करते हुए उसके पक्ष में गवाही दी थी।