लोक सभा चुनाव में हार के कारणों की पड़ताल को कांग्रेस हाईकमान द्वारा गठित फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने अब विधायकों और पूर्व विधायकों से फीडबैक लेना शुरू किया है।
बुधवार को कमेटी ने फतेहगढ़ साहिब व फरीदकोट लोक सभा हलकों के कई नेताओं का पक्ष सुना। इन नेताओं ने भी पार्टी में दो दिग्गजों के बीच चल रही गुटबाजी और टांग खिंचाई का मुद्दा उठाया।
वहीं, आप को एनआरआईज से मिले समर्थन की बात भी सामने आई। गौरतलब है कि इन दोनों हलकों में आम आदमी पार्टी ने जीत दर्ज की थी।
कांग्रेस नेताओं से लिया गया फीडबैक
धनीराम शांडिल्य की अगुवाई में गठित चार सदस्यीय कमेटी ने मंगलवार को सीएलपी लीडर सुनील जाखड़ का पक्ष सुना था। उन्होंने प्रदेश नेतृत्व को कठघरे में खड़ा किया था। उससे पहले कमेटी कई हारे उम्मीदवारों से भी फीडबैक ले चुकी है।
बुधवार को काका लोहगढ़, दर्शन बराड़, विजय साथी व गुरप्रीत कांगड़ ने कमेटी के सामने अपना पक्ष रखा। सूत्रों के मुताबिक इन नेताओं ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस में कैप्टन अमरिंदर सिंह और प्रताप बाजवा के गुटों के बीच चल रही जंग को तुरंत रोका जाना चाहिए।
पार्टी को करना चाहिए फैसले पर मंथन
एक पूर्व विधायक का कहना था कि पहले पार्टी को भी अपने फैसले पर मंथन करना चाहिए। पार्टी ने बड़े नेताओं को चुनाव मैदान में उतार दिया, जिससे बाकी उम्मीदवार अकेले पड़ गए।
इन नेताओं का कहना था कि युवाओं और एनआरआईज की तरफ से आम आदमी पार्टी को अप्रत्याशित समर्थन मिला। रजिंदर कौर भट्ठल किन्हीं कारणों से कांग्रेस भवन नहीं आ सकीं। बाद में कमेटी के सदस्यों ने उनके सरकारी आवास पर जाकर भट्ठल केसाथ काफी देर तक गुफ्तगू की।