पंजाब भाजपा का ‘कोपभवन’ में जाना फायदे का सौदा साबित हुआ है। यह मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के अकेले-अकेले प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय मंत्रियों से मिलने के खिलाफ पंजाब भाजपा नेताओं की ओर से दिखाई गई तल्खी का ही असर है कि अब वह संबंधित विभागों के भाजपाई मिनिस्टरों को ऐसी बैठकों के वक्त अपने साथ रखेंगे।
इसकी शुरुआत वीरवार से होगी। जानकारी के अनुसार वीरवार को मुख्यमंत्री बादल की केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन और शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू के साथ बैठकें हैं। इस दौरान प्रदेश के स्थानीय निकाय एवं मेडिकल एजुकेशन मंत्री अनिल जोशी (भाजपा) भी उनके साथ रहेंगे।
सीएम के साथ केंद्रीय मंत्रियों से मिलने जाएंगे अनिल जोशी
हालांकि, सरकारी तौर पर अनिल जोशी का मुख्यमंत्री के साथ जाना रुटीन मैटर करार दिया जा रहा है, लेकिन सियासी माहिर इसे उक्त तल्खी का नतीजा ही करार दे रहे हैं।
इस बारे में बात किए जाने पर मंत्री अनिल जोशी ने इस बात की पुष्टि की कि वह वीरवार को केंद्रीय मंत्रियों के साथ होने वाली बैठकों के दौरान मुख्यमंत्री के साथ रहेंगे।
साथ ही यह भी कहा कि भाजपाई मंत्रियों की मुख्यमंत्री या उप मुख्यमंत्री के साथ नाराजगी वाली कोई बात नहीं है तथा ऐसी बातों को यूं ही हवा दी जा रही है।
गठबंधन में विश्वास रखते हैं कमल शर्मा
उधर, उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने इस संबंध में बात किए जाने पर कहा कि उनकी पंजाब भाजपा अध्यक्ष कमल शर्मा से इस मसले पर विस्तृत बात हुई है। कमल शर्मा ने उन्हें स्पष्ट कहा है कि उनका गठबंधन में पूरा विश्वास है तथा मनमुटाव वाली कोई बात ही नहीं है।
बहरहाल, दोनों पक्षों के बीच उक्त मुद्दे पर तल्ख बयानबाजी के बाद मुख्यमंत्री बादल अपने साथ अनिल जोशी को लेकर जा रहे हैं तथा पंजाब के शहरी विकास व चिकित्सा शिक्षा से संबंधित विभिन्न मसलों पर केंद्रीय मंत्री के साथ विस्तृत चर्चा होगी।
बैठक में दूर हुए सारे गिले-शिकवे
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री बादल और उप मुख्यमंत्री सुखबीर की कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व अन्य केंद्रीय मंत्रियों के साथ हुई मुलाकातों पर ऐतराज जताते हुए, पंजाब भाजपा के पूर्व अध्यक्ष बलरामजीदास टंडन ने कहा था कि अच्छा होता यदि इस अवसर पर प्रदेश के भाजपाई मंत्रियों को भी साथ रखा जाता।
इसके बाद गत मंगलवार को सुखबीर और कमल शर्मा के बीच मुलाकात हुई। इस बैठक के दौरान गिले-शिकवों का दौर चला, जिसके अंत में परस्पर विरोधी सख्ती का रुख कुछ नरम हुआ।
उप मुख्यमंत्री सुखबीर बादल ने टंडन द्वारा सवाल उठाए जाने पर ऐतराज किया, तो कमल शर्मा ने शिअद महासचिव महेशइंद्र सिंह ग्रेवाल की ओर से टंडन के खिलाफ दिए गए बयान की बात की। इसके बाद शांतिपूर्ण माहौल में बैठक खत्म हुई और रिश्तों की खटास कुछ कम होती दिखाई पड़ी।