इस पायलट प्रोजेक्ट में 73 ग्राम पंचायत जल आपूर्ति कमेटी स्कीमों और श्री आनंदपुर साहिब डिवीजन के 85 गांवों को कवर किया गया। यह एप एंड्रॉयड और आईओएस प्लेटफार्मों पर उपलब्ध है। इसमें अलग-अलग भाषाएं चुनने की सुविधा, आसान डिजिटल बुक-कीपिंग, ऑनलाइन और नकद भुगतान की सुविधा, एसएमएस द्वारा अलर्ट भेजने की सुविधा और पानी की सेवाओं की क्वालिटी के मूल्यांकन के लिए एक प्रणाली शामिल है।
जल सप्लाई और सैनिटेशन विभाग के प्रमुख सचिव डीके तिवारी और विभाग प्रमुख मुहम्मद इशफाक ने कहा कि एम-ग्राम सेवा पायलट प्रोजेक्ट ने श्री आनंदपुर साहिब डिवीजन में सार्वजनिक वित्त प्रबंधन पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाला है, जिससे प्रक्रिया में जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ी है। मोबाइल एप ने फंड प्रबंधन की कुशलता में सुधार किया है, जिससे लोगों के लिए बेहतर सेवाएं मिलीं। इस एप को राज्य भर के अन्य मंडलों में भी इस्तेमाल करने की योजना है।
एप में मिल रहीं ये सुविधाएं
एम-ग्राम सेवा एप के लागू होने से राजस्व संग्रह और निगरानी प्रणाली में कई सुधार हुए हैं। इस एप के लागू होने से पहले 73 में से सिर्फ 20 ग्राम पंचायत वाटर सप्लाई कमेटियां (जीपीडब्ल्यूएससी) दस्तावेजी ढंग से अपने रिकार्डों की संभाल कर रहे थे लेकिन अब सभी रिकार्डों को एप पर डिजिटल तौर पर बड़े योग्य और सुखद ढंग से संभाला जा रहा है।
उपभोक्ता अब अलग-अलग विकल्पों द्वारा ऑनलाइन भुगतान कर सकते हैं और बिल बनाने सहित भुगतान करने की रिपोर्ट को एसएमएस द्वारा भेजा जाता है। साथ ही यह जानकारी व्हाट्सएप पर भी उपलब्ध रहती है। जिंपा ने कहा कि एप का डैशबोर्ड वसूली और खर्चों के स्नैपशॉट प्रदान करता है। यह सरपंचों और अन्य ग्राम पंचायत सदस्यों के लिए उपलब्ध रहते हैं और एप में उपलब्ध कंज्यूमर रेटिंग सिस्टम (उपभोक्ता दर्जाबंदी प्रणाली) की सुविधा से जल सप्लाई संबंधी समस्याओं की समय पर पहचान और निपटारा करने में सुधार आया है।