गैस की चपेट में आई महिला को अस्पताल ले जाते हुए।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
घास हुई पीली, मवेशियों की आंखों से निकला पीला झाग
ग्रामीणों ने बताया कि गैस के कारण आसपास के सभी पेड़ मुरझा गए और चारों ओर पेड़-पौधों व घास पीली पड़ गई। गैस जहरीली थी जिसकी चपेट में मवेशी भी आ गए। मवेशियों की आंख और नाक से पीले रंग का झाग निकल रहा है।
कई साल से लावारिस पड़ा था सिलिंडर
ठेकेदार के पास कार्यरत ट्यूबवेल ऑपरेटर संदीप ने बताया कि क्लोरीन गैस का सिलिंडर करीब सात-आठ साल से इसी तरह लावारिस पड़ा था। सोमवार को करीब तीन बजे अचानक सिलिंडर में धमाका हुआ। चारों तरफ सफेद धुआं फैल गया। गैस की चपेट में आने से बच्चों, महिलाओं व बुजुर्गों का अचानक दम घुटने लगा, आंखों में जलन होने लगी। वह खुद भी इसकी चपेट में आया। वह अपनी कार में छह लोगों को लेकर अस्पताल पहुंचा।
दमकल विभाग ने खुले में ही छोड़ा सिलिंडर
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि दमकल विभाग की टीम ने सिलिंडर को खुले में ही छोड़ दिया है जबकि सिलिंडर का काफी भाग खुला है। इससे दोबारा गैस का रिसाव होने का डर सता रहा है। लोगों ने आरोप लगाया कि पुराना जंग खाया सिलिंडर पिछले कई वर्षों से यहां पड़ा है। समय रहते इसे यहां से क्यों नहीं हटाया गया?
कॉलोनी के ट्यूबवेल पर संदीप कुमार की बतौर ऑपरेटर ड्यूटी है। ट्यूबवेल वाले कमरे में काफी सालों से क्लोरीन गैस का सिलिंडर पड़ा था। घुटन महसूस होने पर उसने सिलिंडर बाहर खुले में एक गड्ढे में रख दिया था। बाद में लीकेज हो गई। - गुरबख्शीश सिंह, ईओ, लालड़ू।