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विशेष पहलः जिंदगी से खतरा टालने को शोध करेंगे विशेषज्ञ, तलाशेंगे कोरोना से हुई मौत के कारण

Wed, 13 May 2020 11:13 AM IST
खुशबू गोयल मोहित धुपड़, चंडीगढ़
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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हरियाणा में कोरोना का संक्रमण बढ़ता जा रहा है। अभी तक 11 मरीजों की मौत भी हो चुकी है। अभी भी सूबे में काफी संख्या में संक्रमित मरीज एक्टिव हैं। संक्रमित मरीजों की जिंदगी से कोरोना का खतरा कैसे टले, इसके लिए अब हरियाणा में महामारी से हुई मौतों पर रिसर्च होगी। स्वास्थ्य महकमे ने इस शोध के लिए विशेषज्ञों की खास टीम तैयार की है, जिसमें महकमे समेत विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के सीनियर विशेषज्ञों को शामिल किया गया। प्रदेश में संक्रमण से हुई सभी मौतों पर ये विशेषज्ञ खास रिपोर्ट तैयार कर स्वास्थ्य महकमे को सौंपेगे। इस शोध कार्य का मकसद यह जानना है कि आखिरकार किस तरह कोरोना ने मरीजों को मौत के मुंह तक पहुंचाया है। इसके अलावा और भी कई पहलुओं पर यह विशेष टीम काम करेगी।
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टेस्टिंग कैपेसिटी और बढ़ेगी
हरियाणा में जिस तरह से संक्रमित मरीजों का आंकड़ा बढ़ा है उसे देखते हुए सरकार में अपनी टेस्टिंग कैपेसिटी को और बढ़ाने की तैयारी की है। अभी हरियाणा में 5 सरकारी लैब के साथ-साथ अग्रोहा, हिसार, करनाल, रोहतक, नलहर मेवात, खानपुरकलां समेत 11 लैब में कोरोना संक्रमण की जांच चल रही है। मगर सरकार अब पंचकूल समेत कई अन्य जिलों में भी कोरोना की टेस्टिंग के लिए लैब तैयार करवा रही है।
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मरीजों के शरीर को संक्रमण ने कैसे डैमेज किया, पर केंद्रित होगा शोध

प्रदेश में कोरोना पॉजिटिव जितने भी मरीजों की मौत हुई है। उनमें से सभी पहले से ही किसी न किसी बीमारी से ग्रस्त थे। मरने वाले इन मरीजों को दिल, टीबी, लीवर, किडनी, हाइपरटेंशन, शुगर से संबंधित बीमारियां थी। ये मरीज लंबे समय से इन बीमारियों का इलाज भी करवा रहे थे। मगर अचानक यही मरीज कोरोना की चपेट में आ गए और फिर इस संक्रमण से रिकवर होने की बजाय मौत की आगोश में पहुंच गए।

विशेषज्ञ यही बात जानने का प्रयास करेंगे कि यह मरीज कब से अपनी पूर्व बीमारियों से ग्रस्त थे, कहां से इलाज करवा रहे थे, चिकित्सकों द्वारा इन्हें क्या दवाई प्रिसक्राइब्ड की जा रही थी, कोरोना की चपेट में आने के बाद और उससे पहले इनकी सेहत कि हालात कैसी थी, कोरोना के संक्रमण की वजह से आखिरकार हालात क्यों बिगड़ते गए कि इन मरीजों को जिंदगी की जंग हारनी पड़ी, इस वायरस ने मरीजों की पूर्व बीमारी को कहीं और ज्यादा खराब तो नहीं किया।

इन मरीजों की प्रतिरोधक क्षमता संक्रमण से पहले और संक्रमण के बाद किस तरह से नीचे आई, संक्रमण के इलाज के दौरान आखिरकार क्यों यह मरीज रिकवर नहीं हो पाए, इलाज के दौरान मरीजों की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के प्रयासों के बावजूद भी इनकी सेहत क्यों नहीं सुधरी और इन मरीजों  के शरीर के किस हिस्से को इस संक्रमण ने सबसे ज्यादा डैमेज किया इत्यादि कई बिंदुओं पर विशेषज्ञों की टीम रिसर्च करेगी।

महकमे के महानिदेशक एसबी कंबोज ने बताया कि इस रिसर्च से हमें यह पता चलेगा कि यदि पूर्व बीमारियों से ग्रस्त कोई मरीज कोरोना से संक्रमित हुआ है, तो उसकी जिंदगी बचाने के लिए और क्या बेहतर मेडिकल एक्सरसाइज की जा सकती है।
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