फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandigarh News: पीजीआई में विशेषज्ञों ने तैयार किया तंबाकू मुक्त भविष्य के लिए रिसर्च और पॉलिसी के बीच रोडमैप

विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। पीजीआई के तंबाकू कंट्रोल रिसोर्स सेंटर (आरसीटीसी) ने सोमवार को वाइटल स्ट्रैटेजीज के सहयोग से तंबाकू नियंत्रण अनुसंधान प्रसार और नीति अनुवाद पर दो दिवसीय राष्ट्रीय परामर्श कार्यक्रम में विशेषज्ञों की ओर से रोडमैप तैयारा किया गया। यह आयोजन कम्युनिटी मेडिसिन विभाग और पब्लिक हेल्थ स्कूल के अंतर्गत किया गया। इसमें देश भर के शोधकर्ताओं, सरकारी अधिकारियों, शिक्षाविदों, जन स्वास्थ्य नेताओं सहित 30 से अधिक विशेषज्ञों ने भाग लिया और अपने विचार रखे। इसका मुख्य उद्देश्य भारत के तंबाकू कंट्रोल रिसर्च इकोसिस्टम का मूल्यांकन करना, भारत में मौजूदा तंबाकू कंट्रोल रिसर्च में प्रणालीगत कमियों की पहचान करना और रिसर्च को राष्ट्रीय और उपराष्ट्रीय नीतिगत आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने के लिए रणनीतियां विकसित करना था। आरसीटीसी के निदेशक और पीजीआई में प्रोफेसर डॉ. सोनू गोयल ने साइंटिफिक एविडेंस और पब्लिक पॉलिसी के बीच गैप को भरने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि तंबाकू नियंत्रण में साक्ष्यों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन चुनौती इसे प्रभावी कार्यक्रमों और कानूनों में परिवर्तित करने की है।
विज्ञापन


पीजीआई के प्रो. अरुण अग्रवाल ने कार्यक्रम की सराहना की और तंबाकू नियंत्रण में राष्ट्रीय प्राथमिकताओं की जानकारी दी। उन्होंने आरसीटीसी को विश्व स्वास्थ्य संगठन के क्षेत्रीय निदेशक का विशेष सम्मान पुरस्कार प्राप्त करने पर बधाई देते हुए उन्होंने टीम के योगदान की सराहना की।



साउथ ईस्ट एशिया तंबाकू कंट्रोल निदेशक डॉ. राणा जे सिंह ने मुख्य भाषण दिया और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राथमिकताओं, विशेष रूप से विकसित हो रहे उपभोक्ता व्यवहारों और उत्पाद नवाचारों के संदर्भ में, के साथ संरक्षित एक मजबूत अनुसंधान अवसंरचना की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। डिप्टी डायरेक्टर जनरल डॉ. एल स्वस्तिचरण ने कहा विश्व स्वास्थ्य संगठन के तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (एफसीटीसी) की शुरुआत से लेकर भारत में ई-सिगरेट पर प्रतिबंध तक, सभी सफल तंबाकू नियंत्रण प्रयासों का आधार सुबूत ही है। जैसे-जैसे निकोटीन पाउच और गर्म तंबाकू उत्पाद जैसे नए खतरे सामने आ रहे हैं। हमारे रिसर्च को उद्योग जगत की रणनीतियों से आगे रहना होगा। मैं इस आयोजन के लिए आरसीटीसी पीजीआई, वाइटल स्ट्रैटेजीज और सभी भागीदारों की सराहना करता हूं। अब हमें एक मजबूत, एविडेंस बेस्ड राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम बनाने के लिए रिसर्च जिसमें स्वास्थ्य, अर्थशास्त्र और उद्योग का हस्तक्षेप शामिल हो उसको प्राथमिकता देनी चाहिए। इस कार्यक्रम में टोबैको फ्री टाइम्स के 36वें संस्करण का विमोचन हुआ। इसका विषय था भारत की तंबाकू नियंत्रण यात्रा में हर्बल और निकोटीन उत्पादों का उभरता खतरा।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें