'मेरे छोटे भाई नरेंद्र मोदी का जीवन महात्मा बुद्ध और स्वामी विवेकानंद के त्याग से प्रेरित रहा है। देश-दुनिया जिस नरेंद्र मोदी को देख रही है, वह बचपन से अदम्य साहस, अनुशासन, समाज एवं राष्ट्र सेवा के पथ पर चलते हुए लक्ष्य की ओर बढ़ता चला गया।
ऐसे हर व्यक्ति की प्रतिष्ठा, सम्मान और उनके द्वारा किए गए कार्यों की चर्चा देश-दुनिया में फैलना लाजिमी है। अमर उजाला से खास मुलाकात में यह बात देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बड़े भाई सोमभाई दामोदरदास मोदी ने कही। उन्होंने कहा कि हम पांच भाइयों में नरेंद्र सबसे अलग थे।
बचपन से ही उनकी राह अलग थी। हालांकि हम उसे तब नहीं समझ पाए थे, लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने पूरी दुनिया के सामने यह साबित कर दिया। राष्ट्र के लिए सांसारिक सुखों का त्याग, खास शैली में संबोधन, संयमित जीवन और राष्ट्र के लिए बहुत कुछ करने की उनकी मंशा के अलावा भरपूर जनसमर्थन की आभा आज उनके चेहरे पर साफ झलकती है।
बुजुर्गों और घायलों को जीवन समर्पित
सोमभाई मोदी हरियाणा के शिक्षा, परिवहन और पर्यटन मंत्री रामबिलास शर्मा के साथ रविवार शाम धर्मनगरी का भ्रमण करने आए थे। मोदी बंधुओं में वे सबसे बड़े हैं। उनके बाद अमृतभाई, फिर नरेंद्र मोदी, चौथे नंबर पर प्रह्लादभाई और पांचवें नंबर पर सबसे छोटे हैं पंकजभाई दामोदरदास मोदी।
सोमभाई मोदी गुजरात के स्वास्थ्य विभाग से रिटायरमेंट लेने के बाद लंबे समय से ही समाजसेवा में लीन हैं। उनका पूरा फोकस वक्त और परिवार के ठुकराए गए बुजुर्गों की सेवा में है। उनकी संस्था सर्वोदय सेवा ट्रस्ट जहां वृद्धाश्रमों के लिए कार्य करती है, वहीं विपरीत हालात, हादसों और रोग का शिकार हुए लोगों के लिए रक्त मुहैया कराने के लिए रक्तदान शिविरों का आयोजन करती है।
जब नरेंद्र मोदी भाजपा के पीएम इन वेटिंग के रूप में आगे आए तब उनके वैवाहिक जीवन को लेकर सवाल उठे। तब प्रधानमंत्री मोदी के बड़े भाई ने ही जसोदाबेन चिमनभाई के साथ 50 साल पहले जिन हालात में बाल विवाह हुआ था और उसके बाद किन हालात में अलग हुए थे, यह पूरा वृत्तांत सबके सामने रखा।
बिना शराब परोसे आस्ट्रेलिया में बड़ा इवेंट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आस्ट्रेलिया दौरे को लेकर वहां बसे भारतीय भी बेहद उत्साहित हैं। मूल रूप से कुरुक्षेत्र निवासी पुनीत चौहान ने भी अपने परिवार के साथ आस्ट्रेलिया में नरेंद्र मोदी का जोरदार स्वागत किया।
चौहान ने अपनी पत्नी वैंडी ठाकुर और बेटी तनीशा के साथ आस्ट्रेलिया में पूरी गर्मजोशी के साथ भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण सुना। स्वतंत्रता दिवस पर मोदी को लाल किले से लाइव देखने और भाषण सुनने के लिए चौहान अगस्त में विशेष रूप से भारत भी आए थे।
उन्होंने अमर उजाला को बताया कि आस्ट्रलिया में ये पहली बार है जब इतना बड़ा इवेंट बिना शराब परोसे हो गया और यही मोदी का प्रभाव है। उनके मुताबिक पिछले 10 वर्ष में उन्होंने यहां इतना क्रेज किसी के लिए नहीं देखा। आज मोदी हमारे बीच है, ये हमारे लिए ऐतिहासिक पल है।