रेस्टोरेंट की तलाशी के दौरान 20 हुक्के, बीयर की 7 बोतलें, तंबाकू के अलग-अलग फ्लेवर और चारकोल जब्त किया गया। चीमा ने बताया कि इस मामले में रेस्टोरेंट के मालिकों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं के तहत थाना नयागांव (0मोहाली) में एफआईआर दर्ज की गई है। मोहाली जिले में इसके अलावा, बेस्टेक मॉल सेक्टर-66 मोहाली में ‘बुर्ज’ (डब्ल्यू व्हाइट हॉस्पिटैलिटी),‘स्कल’ (फ्रेंड्स हॉस्पिटैलिटी) और ‘मास्क लॉंज एंड बार्स’ नामक तीन बार निर्धारित समय के बाद भी खुले मिले। इनके विरुद्ध पंजाब आबकारी एक्ट 1914 और पंजाब लीकर लाइसेंस रूल्ज 1956 की संबंधित धाराओं के अंतर्गत कार्रवाई की गई।
चीमा ने बताया कि अमृतसर में ‘पैडलर्स बार’ नामक बार भी निर्धारित समय के बाद खुला पाया गया और 25 साल से कम उम्र के व्यक्तियों को यहां शराब परोसी जा रही थी। बार की तलाशी के दौरान 17 बोतलें बिना ड्यूटी वाली शराब और समय-सीमा पूरी कर चुकी बीयर की 5 बोतलें भी बरामद हुईं, जिन्हें मौके पर ही जब्त कर लिया गया। इसी तरह, जालंधर में ‘पैडलर्स’ नामक बार भी निर्धारित समय-सीमा के बाद खुला था। बार की तलाशी के दौरान समय-सीमा पूरी कर चुकी बीयर की तीन बोतलें बरामद हुईं, जिन्हें जब्त कर लिया गया। इन सभी बार के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
ऑपरेशन का उद्देश्य ‘हुक्के’ का चलन रोकनाः चीमा
चीमा ने बताया कि आबकारी विभाग के इस ऑपरेशन का उद्देश्य हुक्का पीने के कारण सेहत पर होने वाले बुरे प्रभाव को ध्यान में रखते हुए बार और रेस्टोरेंटों में हुक्का पीने-पिलाने पर रोक लगाना है, क्योंकि इन हुक्कों में निकोटीन (कैंसर पैदा करने वाले) जैसे हानिकारक पदार्थ पाए जाते हैं। इसके साथ ही हुक्कों में तंबाकू जलाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले चारकोल से ऐसा धुआं पैदा होता है, जिसमें न केवल कार्बन मोनोऑक्साइड होती है, बल्कि कैंसर पैदा करने वाले रसायन और धातुएं भी शामिल होती हैं। धुएं को फि़ल्टर करने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला पानी वास्तव में इन खतरनाक रसायनों को रोकने के योग्य नहीं होता।