रेडक्रॉस की ओर से संचालित जेनरिक स्टोर में नियमों की धज्जियां उड़ रही हैं। स्टोर से जेनरिक दवाओं के बजाए ब्रांडेड मेडिसिन बेची जाने की सूचना है। जेनरिक स्टोर को फुल फ्लैश केमिस्ट शॉप में बदल दिया गया है। उन दवाओं पर डिस्काउंट भी न के बराबर दिया जा रहा है। इससे सरकार को चपत लग रही है।
इस बारे में रेडक्रॉस को भी जानकारी नहीं है। रेडक्रास का कहना है कि जेनरिक स्टोर वही दवाइयां बेच सकते हैं, जिन्हें उनकी परमिशन मिली है। दवाओं की लिस्ट भी जनऔषधि के वेबसाइट पर हैं। उसके अलावा वे कोई भी दवाएं नहीं बेच सकते हैं। जेनरिक स्टोर को एक बार कॉस्मेटिक सामान बेचने की परमिशन दी गई थी। उसके बाद कोई दूसरी परमिशन नहीं जारी की गई है।
रेडक्रास की ओर से जीएमएसएच 16 और जीएमसीएच 32 में जेनरिक स्टोर संचालित किए जाते हैं। जीएमएसएच 16 में सिर्फ जेनरिक दवाएं बेची जा रही हैं, लेकिन जीएमसीएच 32 स्थित स्टोर में सभी प्रकार की दवाइयां बेची जा रही है, जबकि उन्हें सिर्फ जेनरिक मेडिसिन और कुछ सर्जिकल आइटम बेचने की परमिशन है। इसके अलावा जो उनके स्टोर से दवाएं बेची जा रही हैं, उनमें डिस्काउंट भी नहीं दिया जा रहा था। इससे मरीजों को भी चपत लग रही है।
रेडक्रास के अधिकारियों का कहना है कि जीएमसीएच 32 के स्टोर को कोई सिर्फ जेनरिक दवाएं बेचने की परमिशन दी गई थी। यदि वे अन्य दवाइयां भी बेच रहे हैं तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। रेड क्रास के ज्वाइंट सेक्रेटरी बीरेंद्र चौधरी ने बताया कि जेनरिक स्टोर की निगरानी के लिए अलग से डाक्टरों की टीम लगाई गई है। वे अब जेनरिक स्टोर की निगरानी करेंगे।