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पीयू में परीक्षा ऑनलाइन, छात्र ऑफलाइन जितनी फीस कर रहे जमा

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चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी में पिछले दो सेमेस्टर से परीक्षाएं ऑनलाइन आयोजित करवाई जा रही हैं। पीयू ने इस बार भी परीक्षा ऑनलाइन करवाने का फैसला लिया है। लेकिन इन तीनों सेमेस्टरों का परीक्षा शुल्क ऑफलाइन जितना ही लिया जा रहा है। इसको लेकर विद्यार्थियों ने प्रदर्शन करने के साथ पीयू प्रशासन को पत्र भी लिखा कि ऑनलाइन परीक्षा में विद्यार्थियों का खर्च बढ़ गया है, पीयू परीक्षा शुल्क कम करे या इसे आगामी सेमेस्टर के परीक्षा शुल्क में समायोजित करे, लेकिन अब तक इस पर कोई फैसला नहीं हुआ है।
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विद्यार्थियों ने बताया कि परास्नातक कोर्स के लिए करीब 2500 रुपये और स्नातक कोर्स के लिए लगभग 1500 रुपये प्रति विद्यार्थी परीक्षा शुल्क वसूला जा रहा है, जबकि ऑनलाइन परीक्षा में विद्यार्थी परीक्षा की कॉपी खुद खरीदते हैं और परीक्षा के समय इंटरनेट का खर्च भी स्वयं वहन करते हैं। बावजूद इसके यूनिवर्सिटी विद्यार्थियों से इतना अधिक परीक्षा शुल्क वसूल रही है।
पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस और संबद्ध कॉलेजों के लगभग तीन लाख विद्यार्थियों की परीक्षा आयोजित करवाती है। शहर के कॉलेजों के शिक्षकों ने बताया कि वे ऑनलाइन परीक्षा के पक्ष में नहीं हैं, इसमें यूनिवर्सिटी विद्यार्थियों से बस परीक्षा शुल्क वसूल कर अपना खजाना भर रही है, विद्यार्थियों को इसका कोई फायदा नहीं मिल रहा। विद्यार्थियों का भविष्य और रुपये दोनों खराब हो रहे हैं। ऑनलाइन परीक्षा करवाने में प्रति विद्यार्थी अधिकतम खर्च 500 से 700 रुपये तक का खर्च आता है, जबकि विद्यार्थियों से फीस दो हजार से अधिक वसूली जा रही है।
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क्या कहते हैं विद्यार्थी
कॉपी और इंटरनेट का खर्च बढ़ा : पिछले दो सेमेस्टर की ऑनलाइन परीक्षा में विद्यार्थियों ने परीक्षा शुल्क देने के साथ अतिरिक्त खर्च भी वहन किया। परीक्षाओं के लिए कॉपी खुद खरीदनी पड़ती है। साथ ही इंटरनेट का खर्चा भी खुद ही उठाना पड़ता है। इस बार ऑनलाइन परीक्षा होनी है, लेकिन पीयू ने परीक्षा फीस फिर भी नहीं घटाई। विद्यार्थियों ने इसको लेकर कई बार विरोध भी जाहिर किया लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।
- अमन, विद्यार्थी, कानून विभाग
विरोध और पत्र लिखने का भी नहीं हुआ असर : परीक्षा शुल्क को लेकर पीयू को कई बार पत्र लिखे गए और विरोध भी किया गया, लेकिन यूनिवर्सिटी का जवाब था कि ऑनलाइन परीक्षा शुल्क कम करने को लेकर नियमावली में कोई प्रावधान नहीं है। नियमावली में बदलाव सिंडिकेट की ओर से ही किया जा सकता है। हम कोई बदलाव नहीं कर सकते। विद्यार्थियों की मांग थी कि ऑनलाइन परीक्षा में विद्यार्थियों पर बोझ बढ़ा है और पीयू का कम हुआ है, इसलिए फीस कम की जानी चाहिए।
- निखिल, विद्यार्थी, यूआईईटी
कोट
ऑनलाइन परीक्षा करवाने में खर्च बढ़ा है, जबकि विवि प्रशासन ने फीस नहीं बढ़ाई है। विद्यार्थियों की ओर से उत्तर पुस्तिका को स्कैन करके ई-मेल किया जाता है। इसके बाद शिक्षकों को उसे प्रिंट किया जाता है, इसका खर्च यूनिवर्सिटी ही देती है। प्रिंटिंग खर्च अधिक हो गया है। इसके अलावा कॉपियों की जांच, प्रश्नपत्र, रोल नंबर इत्यादि का भी खर्च है।
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- प्रो. जगत भूषण, परीक्षा नियंत्रक, पीयू
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