बनेंगे भाजपा का मुख्य चेहरा
आगामी सोमवार को कैप्टन और उनकी पार्टी के भाजपा में समाहित होने के बाद कैप्टन ही पंजाब भाजपा का मुख्य चेहरा होंगे। दरअसल, पंजाब भाजपा के पास इस समय कोई भी ऐसा कद्दावर नेता नहीं है, जो अपने बूते पर पार्टी को प्रदेश की सत्ता तक पहुंचा सके। भाजपा हाईकमान का मानना है कि किसान आंदोलन ने पंजाब में भाजपा को काफी नुकसान पहुंचाया है। दिल्ली की सीमाओं पर करीब एक साल चले आंदोलन के दौरान पंजाब में भाजपा का काडर बिखर गया और पार्टी वर्कर भी किनारा कर गए। इससे पहले, विजय सांपला को हटाकर अश्विनी शर्मा को अध्यक्ष बनाए जाने से भी प्रदेश इकाई दोफाड़ हुई और कई सीनियर नेताओं ने पार्टी से दूरी बना ली। अकाली दल के साथ 25 साल के गठबंधन ने भी भाजपा को पंजाब में नुकसान ही पहुंचाया है। इस दौरान न तो भाजपा का काडर बढ़ सका और न ही सीटें। पार्टी सूबे के ग्रामीण इलाकों तक न पहुंचकर शहरों में ही सिमटी रही, जहां हिंदू और दलित वोट भी बिखरे रहने से भाजपा को घाटा ही हुआ।
कैप्टन ने 2022 विधानसभा चुनाव के दौरान अपनी पार्टी का गठन करके भाजपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। हालांकि आप की लहर के चलते कैप्टन अपनी सीट भी नहीं बचा सके लेकिन भाजपा हाईकमान कैप्टन के पार्टी में आने को अपने लिए महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देख रही है। दरअसल, प्रदेश इकाई के पुनर्गठन के दौरान उसने जाने-माने सिख चेहरों को पार्टी के साथ जोड़ने की रणनीति भी बनाई है। कैप्टन जोकि लंबे अरसे तक पंजाब में कांग्रेस के पर्याय रहे हैं, भाजपा के लिए सबसे महत्वपूर्ण चेहरा साबित हो सकते हैं।