पंजाब के पूर्व मंत्री और अकाली दल के पूर्व जिला प्रधान सुच्चा सिंह लंगाह पर रेप का आरोप लगाने वाली महिला बुधवार को अदालत में अपने बयान से मुकर गई। इस केस में अब अगली सुनवाई 14 मार्च को होगी। लंगाह की बुधवार को एडिशनल जिला जज प्रेम कुमार की कोर्ट में पेशी थी। यहां आरोप लगाने वाली सरकारी महिला कर्मचारी के बयान दर्ज हुए।
लंगाह के वकील करणजीत सिंह के अनुसार महिला ने कहा कि उसके खिलाफ साजिश रची गई है। वह लंगाह को निजी तौर पर नही जानती। उसे बस इतना पता है कि लंगाह पंजाब के मंत्री थे। पुलिस पर कथित आरोप लगाते हुए महिला ने बताया कि उससे कोरे कागजों पर दस्तखत करवाए थे। महिला ने बताया कि उसने कोई वीडियो भी पुलिस को नही दी। यह वीडियो फर्जी है। किसी वीडियो से छेड़छाड़ कर उसका चेहरा उसमें दिखाया गया है।
लंगाह बोले- महिला ने तो शिकायत ही नहीं की थी
अदालत में सुच्चा सिंह लंगाह ने पत्रकारों को बताया कि पीड़िता ने अदालत में बयान दिया कि उसने तो शिकायत ही नहीं की। लंगाह ने बताया कि मुझे तो इलाज भी नही करवाने दिया गया था। मुझे पीजीआई से पुलिसवाले जबर्दस्ती ले आए। मुझे अदालत पर पूरा भरोसा है कि वह न्याय करेगी।
शिकायत में दुष्कर्म, धोखाधड़ी के लगाए थे आरोप
यह मामला ऐसे समय में सामने आया था, जब गुरदासपुर लोकसभा उपचुनाव के लिए वोटिंग होनी थी। लंगाह के खिलाफ गुरदासपुर सिटी पुलिस थाने में 28 अक्तूबर 2017 को मामला दर्ज किया गया था। पुलिस दर्ज शिकायत में विधवा महिला ने आरोप लगाए थे कि लंगाह उसके साथ 2009 से दुष्कर्म कर रहे थे।
लंगाह ने धोखे से उसकी संपत्ति बेची और उससे कई लाख रुपये भी लिए। इस कारण ही पूर्व मंत्री के खिलाफ आईपीसी धारा 376 (दुष्कर्म), 384 (फिरौती), 420 (धोखाधड़ी) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज किया था। उस वक्त पुलिस सूत्रों ने कहा था कि महिला ने अपनी शिकायत के समर्थन में पुलिस को एक वीडियो क्लिप भी सौंपी थी।
बयानों की कॉपी के लिए आवेदन किया: डीएसपी
इस संबंध में जब एसएसपी गुरदासपुर हरचरण सिंह भुल्लर से बात की गई तो उन्होंने बताया कि वे चंडीगढ़ में हैं। डीएसपी स्पेशल ब्रांच गुरबंस सिंह बैंस ने बताया कि उन्हें बयान बदलने संबंधी कोई जानकारी नही है। उन्होंने कोर्ट में बयानों की कॉपी के लिए आवेदन किया है। उन्होने कहा कि पीड़िता ने केस दर्ज करवाने के बाद ड्यूटी मजिस्ट्रेट को धारा 164 सीआरपीसी के तहत बयान दर्ज करवाए थे।