बेशक पूर्व सैनिकों को वन रैंक वन पेंशन मिल गई, लेकिन उनकी जंग अभी खत्म नहीं हुई। अब वे अपनी 8 मांगों के लिए लड़ाई लड़ेंगे। यह आंदोलन शुरू होगा पंजाब के लुधियाना से। इसमें हिस्सा लेने अन्ना हजारे भी आएंगे।
यूनाइटेड फ्रंट ऑफ एक्स सर्विसमैन का कहना है कि वन रैंक पेंशन तो उनकी एक मांग थी। कई मांगे अब भी पेंडिंग हैं। जब तक उन पर कोई काम नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
एक्ससर्विसमैन का कहना है कि साल 1973 से पहले उन्हें सैलरी का 75 प्रतिशत पेंशन मिलती थी, लेकिन उसके बाद पेंशन 50 प्रतिशत कर दी गई, जबकि सिवेलियन की पेंशन बढ़ा दी गई। अपनी मांगों के लिए वे 27 सितंबर को पंजाब के लुधियाना में एक रैली करने जा रहे हैं।
यूनाइटेड फ्रंट आफ एक्स सर्विसमैन के कर्नल एसएस सोही ने कहा कि पेंशन स्टेटस के अलावा और भी कई मांगे हैं। उनकी दूसरी मांग फौज से रिटायर होने वाले सैनिकों को जॉब की गारंटी देना है। 35 साल की उम्र में रिटायर होने के बाद फौजियों को दूसरी जगहों पर नौकरी नहीं मिलती।
तीसरी मांग महिलाओं व अल्पसंख्यकों की तरह एक्ससर्विसमैन के लिए भी कमीशन बनाने की कही। सरकार ने इसकी मंजूरी दे रखी है, लेकिन उसे लागू नहीं किया जा रहा है।