परिवारों के प्रवास, परिवार में मृत्यु या नए जन्म के बाद एसईसीसी-2011 पर आधारित डाटा को अपडेट करने के लिए राज्य के सभी जिलों में परिवार डाटा के अपडेशन के बारे में बड़े पैमाने पर कवायद जारी है। राज्य में लगभग 54 लाख परिवार हैं, जिन्हें इस कवायद में शामिल किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने डीसी को निर्देश दिए कि वे एसडीएम कार्यालयों, तहसीलों, ब्लॉक कार्यालयों, स्कूलों, राशन डिपो, गैस एजेंसियों जैसे पब्लिक डीलिंग के सभी कार्यालयों में परिवार पहचान पत्र प्रफॉर्मा की हार्ड कॉपी रखें ताकि योजनाओं के लाभार्थी अपने परिवार का विवरण अपडेट कर सकें।
जन्म, मृत्यु व विवाह पंजीकरण की स्वचालित प्रणाली पर चल रहा काम
सरकार जन्म, मृत्यु और विवाह के पंजीकरण की एक स्वचालित प्रणाली विकसित करने पर भी काम कर रही है। ‘परिवार पहचान पत्र’ का मुख्य उद्देश्य शून्य शेष (जीरो लेफ्ट आउट) सुनिश्चित करना है। जिस दिन कोई व्यक्ति 60 वर्ष की आयु पूरी कर लेता है, उसे यह संदेश जाना चाहिए कि वह वृद्धावस्था पेंशन पाने का पात्र हो गया है। इसी तरह, जैसे ही कोई युवा 18 वर्ष की आयु प्राप्त करता है तो उसे मतदान का पात्र होने के बारे में सूचित किया जाए।
प्लास्टिक पैकिंग के प्रयोग पर लगेगा प्रतिबंध
सीएम ने कहा कि सरकारी कार्यालयों में एकल उपयोग वाली प्लास्टिक की पानी की बोतलों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने के बाद सरकार प्लास्टिक पैकिंग के उपयोग पर भी अंकुश लगाने पर विचार कर रही है। उन्होंने डीसी को जिलों में इसका विकल्प तलाशने के निर्देश दिए हैं।