चंडीगढ़। शहर में दोपहिया वाहनों का पंजीकरण बंद हो चुका है और इस महीने के अंत तक नॉन-ईवी कारों का पंजीकरण भी बंद हो चुका है। इससे पूरे शहर में हलचल है। अब प्रशासन जल्द ही इलेक्ट्रिक वाहन नीति की समीक्षा करने जा रहा है। समीक्षा के लिए प्रशासन के सलाहकार धर्मपाल के पास लगातार आग्रह पहुंच रहे हैं। उन्होंने इसकी पुष्टि करते हुए कहा है कि वह इस पर विचार कर रहे हैं। हालांकि नॉन-ईवी के कोटे को पहले की काफी राहत दी जा चुकी है, फिर भी इसे देखेंगे। बहुत से मध्यमवर्गीय लोग नवरात्रि और दिवाली के समय दोपहिया और चार पहिया वाहन घर लाने का सपना देखते हैं। इसके लिए कई महीने ही बुकिंग कराई जाती है, लेकिन पंजीकरण बंद होने की वजह से उनका सपना टूट गया है। कई डीलर इस चिंता में हैं कि जिन लोगों ने नवरात्रि और दिवाली के लिए गाड़ियों की बुकिंग कराई है, वो कैसे उसकी डिलीवरी देंगे। इस मुद्दे पर सलाहकार धर्मपाल ने कहा कि ईवी नीति के तहत पहले ही लोगों को काफी राहत दी जा चुकी है। कोटे को काफी बढ़ाया जा चुका है। लोगों को भी समझना चाहिए कि नीति का उद्देश्य शहर में ईवी को बढ़ावा देना है। अगर ऐसे ही बार-बार कोटे में संशोधन कर उसे बढ़ाते रहेंगे तो फिर नीति का उद्देश्य कभी पूरा नहीं हो पाएगा। दोपहिया वाहनों का पंजीकरण बंद होने के बाद उनके पास समीक्षा का आग्रह आया है। जल्द इस संबंध में कोई फैसला लिया जाएगा। बता दें कि शहर में दोपहिया वाहनों के कुल करीब 15 बड़े डीलर्स है और उसके आगे दर्जनों सब डीलर्स हैं। इनमें रॉयल इनफील्ड, होंडा, टीवीएस, बजाज, हीरो के दो डीलर हैं और यामाहा, सुजुकी, जावा, हार्ले, ट्रंफ, कावासाकी, इंडियन, बीएमडब्ल्यू के एक-एक डीलर है। इन सभी शोरूम व अन्य कामों से करीब 6000 परिवार सीधे तौर पर जुड़े हैं।
एक महीने में खत्म हो जाएगा कारों का कोटा
कार डीलरों की मुश्किलें भी बढ़ने वाली हैं, क्योंकि कारों का कोटा भी इस महीने के अंत तक या नवंबर के पहले हफ्ते तक खत्म हो सकता है। सिर्फ 1651 नॉन-ईवी कारों का ही अतिरिक्त पंजीकरण हो सकता है। इसके बाद दोपहिया और चार पहिया का पंजीकरण एक अप्रैल 2024 से शुरू होगा। तब तक लोग बाइक या कार खरीद तो सकते हैं लेकिन उसका पंजीकरण नहीं होगा।
ईवी महंगी, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पूरी तरह से तैयार नहीं
ईवी, पेट्रोल-डीजल से 40 से 60 फीसदी महंगी है। एक अच्छी ई-बाइक 1.25-1.50 लाख रुपये से कम नहीं है। चार पहिया में तो 10-12 लाख से कम की गाड़ी है ही नहीं। बैटरी में आग लगने जैसी कई घटनाओं के बाद लोग भी अभी पूरी तरह से ईवी खरीदने के लिए तैयार नहीं हुए हैं। कई कंपनियों ने अभी तक अपनी इलेक्ट्रिक गाड़ी लांच नहीं की है। इसके अलावा शहर में भी ईवी चार्जिंग का इंफ्रास्ट्रक्चर पूरी तरह से तैयार नहीं हुआ है। कई जगह चार्जिंग स्टेशन बने नहीं है और जहां बने हैं, वो अभी शुरू नहीं हुए हैं।
बाहरी वाहनों की संख्या कम करने की जरूरत
शहर में रोजाना हजारों की संख्या में बाहर से वाहन आते हैं। उनकी संख्या को कम किया जाना चाहिए। दोपहिया वाहनों का पंजीकरण फिर शुरू होना चाहिए। इसके लिए समीक्षा की मांग कर रहे हैं। - अनूप गुप्ता, मेयर
छह महीने कैसे बंद रखेंगे शोरूम
दोपहिया वाहनों का पंजीकरण बंद हो गया है। महीने के अंत तक चार पहिया भी बंद हो जाएंगे। सभी डीलर्स बेहद परेशान हैं। प्रशासक से मिलने की कोशिश की जा रही है। कई लोगों का रोजगार खतरे में हैं। लोग छह महीने तक अपने शोरूम को कैसे बंद रख पाएंगे। सभी बर्बाद हो जाएंगे। - रंजीव दहूजा, अध्यक्ष, फेडरेशन ऑफ चंडीगढ़ रीजन ऑटोमोबाइल डीलर्स
कैसे चुकाएंगे बैंकों के लोन
प्रशासन के फैसले से सभी बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं। दोपहिया वाहनों का पंजीकरण बंद हो चुका है। डीलर्स को भारी भरकम लोन चुकाने हैं। अगर काम बंद हो जाएगा तो कैसे चुका पाएंगे। हम सभी अपने रिजर्व पैसों से गुजारा चलाने को मजबूर हैं। - हरबीर सिंह, डीलर