हवा को दूषित करने वाले कारणों को जानने के लिए होने वाले सर्वे में 5 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। चंडीगढ़ प्रदूषण नियंत्रण कमेटी (सीपीसीसी) यह पैसा केंद्र के द्वारा स्वच्छ हवा कार्यक्रम के तहत केंद्र के द्वारा चंडीगढ़ को दिए गए 10 करोड़ रुपये में से खर्च किया जाएगा। यूटी प्रशासन के द्वारा भी इसके लिए मंजूरी दे दी गई है।
मौसम के आंकड़े भी होंगे एकत्र
हवा की निगरानी के साथ ही मौसम को लेकर भी आंकड़े एकत्र किए जाएंगे। सर्वे में चंडीगढ़ और आसपास के क्षेत्र में मौसम के उतार चढ़ाव को लेकर आंकड़े एकत्र किए जाएंगे। इस सर्वे में मौसम के साथ ही वाहनों को लेकर भी अध्ययन किया जाएगा।
शुद्ध हवा का तैयार होगा रोडमैप
इस सर्वे का कार्य सीपीसीसी के द्वारा किसी कंपनी या संस्था के द्वारा कराया जाएगा। सर्वे के साथ ही शहर की दूषित हवा को शुद्ध करने के लिए सुझाव भी मांगे जाएंगे। कंपनी इसके लिए सीपीसीसी को हवा को शुद्घ करने के लिए एक रोडमैप भी तैयार करके देगी।