ज्ञान ज्योति ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूटस के मेकैनिकल ब्रांच के स्टूडेंट्स ने बैटरी से चलने वाला रिक्शा तैयार किया है। रिक्शे से जहां पर्यावरण प्रदूषित होने से बचता है, वहीं एक बार बैटरी फुल चार्ज करने के बाद 12 से 15 किमी प्रति घंटे की स्पीड से 50 से 55 किमी तक का सफर तय कर सकता है।
एक बार बैटरी चार्ज करने का खर्च सिर्फ 10 से 15 रुपये आता है। रिक्शे को मेकैनिकल ब्रांच के स्टूडेंट नंदन कुमार, सचिन पाटिल, विवेक धीमान, सौरभ और जमुना ने बनाया है। रिक्शे के लिए किसी तरह के रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं होती।
इन स्टूडेंट्स के मुताबिक रास्ते में किसी कारण बैटरी खत्म होने या किसी अन्य खराबी के चलते इस रिक्शा को आम रिक्शा की तरह भी चलाया जा सकता है। रिक्शे में रोशनी के लिए लाइट, हॉर्न और इंडीकेटर भी लगाए गए हैं। इंस्टीट्यूट ग्रुप के चेयरमैन जेएस बेदी ने स्टूडेंट्स के इस प्रयास के लिए उन्हें बधाई दी।
उन्होंने बताया कि स्टूडेंट्स ने प्रोजेक्ट छुट्टियों में कॉलेज की लैब में मेकैनिकल विभाग के हेड इंजीनियर गुरप्रीत सिंह की निगरानी में लगातार मेहनत करके बनाया है।
चेयरमैन बेदी ने समूह के स्टूडेंट्स को अधिक से अधिक मेहनत के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि ग्रुप उनकी नई खोजों के लिए हर तरह की सुविधा देने के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है।