रोबोटिक सर्जरी का फायदा अब तक पीजीआई का यूरोलाजी डिपार्टमेंट ही उठा रहा है, लेकिन जल्द ही दूसरे डिपार्टमेंट भी इसे कर सकेंगे।
बताया जा रहा है कि यूरोलाजी के बाद अब ईएनटी और गाइनेकोलाजी डिपार्टमेंट रोबोटिक सर्जरी की प्रक्रिया को अपनाएंगे। इसके लिए दोनों डिपार्टमेंट के विशेषज्ञों को ट्रेनिंग के लिए फ्लोरिडा भेजा जाएगा।
ईएनटी के डाक्टरों ने बताया कि वे रोबोटिक सर्जरी की मदद से कैंसर और ओरल कैविटी जैसी बीमारियों को ठीक किया जाएगा।
कई बार रुटीन सर्जरी के दौरान जीभ के पीछे कैंसर का इलाज करने में काफी परेशानी आती है, लेकिन रोबोटिक की मदद से आसानी से ठीक किया जा सकेगा।
रोबोटिक की मदद से उन जगहों में आपरेशन करने में मदद मिलेगी, जहां रुटीन सर्जरी के दौरान कठिनाई आती है। पहले ईएनटी के डाक्टरों को ट्रेनिंग के लिए भेजा जाएगा। उसके बाद गाइनेकोलाजी डिपार्टमेंट के डाक्टरों को भेजा जाएगा।
300 मरीजों की सर्जरी
पीजीआई में रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत नवंबर 2014 में हुई थी। करीब 300 से ज्यादा मरीजों की सर्जरी रोबोटिक प्रोसेस से की जा चुकी है। इनमें ज्यादा मरीज कैंसर से संबंधित होते हैं।
इसका फायदा यह है कि इसमें चीरा कम लगता है और मरीज जल्द घर पहुंच सकता है। बीते हफ्ते पहली बार रोबोटिक सर्जरी की मदद से किडनी ट्रांसप्लांट भी किया गया।