करोड़ों की ड्रग तस्करी से जुड़े एक मामले में पूर्व मंत्री और उसके बेटे पर इंफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी) की गाज गिरी, वहीं कइयों के खिलाफ चालान पेश किए गए। मामले में इंफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी) ने बुधवार को सीबीआई की विशेष अदालत में 8400 पेज का चालान पेश किया।
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यह चालान अकाली सरकार में जेल मंत्री रहे सरवन सिंह फिल्लौर, उनके बेटे दमनवीर सिंह फिल्लौर और पूर्व सीपीएस (चीफ पार्लियामेंट्री सेक्रेटरी) अविनाश चंद्र समेत 12 आरोपियों के खिलाफ प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए एक्ट) के तहत पेश किया गया है। वहीं, केस में आठ कंपनियों को भी नामजद किया गया है।
केस की अगली सुनवाई 25 जुलाई को होगी। ईडी द्वारा इस मामले में यह पांचवां सप्लीमेंट्री चालान है। ईडी ने अदालत में कहा कि अभी जांच चल रही है और इसमें अन्य नाम भी जुड़ सकते हैं।
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जानकारी के मुताबिक बुधवार को सीबीआई की अदालत में केस के सिलसिले में ईडी के अधिकारी निरंजन सिंह पहुंचे। बिजनेसमैन जगजीत सिंह चहल से पूछताछ और अन्य जांच के बाद सामने आए तथ्यों के सहारे उन्होंने यह चालान पेश किया।
चालान में इनके नाम शामिल
पंजाब ड्रग रैकेट
- फोटो : फाइल फोटो
पूर्व जेल मंत्री सरवन सिंह फिल्लौर (69), पूर्व सीपीएस अविनाश चंद्र (53), दमनवीर सिंह फिल्लौर (36) निवासी जालंधर, बिजनेसमैन जगजीत सिंह चहल (55) निवासी मोहाली , परमजीत सिंह चहल निवासी लुधियाना (जगजीत का भाई), इंद्रजीत कौर (पत्नी जगजीत सिंह चहल), दविंदर शर्मा (49) निवासी ऊना, जालंधर के शाहकोट निवासी जसविंदर सिंह (इस समस कनाडा में है), सचिन सरदाना (35) निवासी भिवानी, कैलाश सरदाना (65) निवासी हरियाणा
इन आठ कंपनियों के नाम भी
चहल टायर वर्ल्ड प्राइवेट लिमिटेड अमृतसर, न्यू पियार रोडवेज प्राइवेट लिमिटेड अमृतसर, एमबीपी फार्मास्यूटीकल्स प्राइवेट लिमिटेड, ट्यूलिप फार्मास्यूटीकल्स प्रा. लिमिटेड, चहल टायर्स, चहल रीट्रेड्स प्रा. लिमिटेड, मोनटेक बायो फार्मा प्रा. लिमिटेड, नवरोज फार्मास्यूटीकल्स नई दिल्ली
2013 में ईडी ने दर्ज किया था केस
ईडी ने दलील थी कि पंजाब पुलिस ने 2012-14 में इस ड्रग तस्करी केस का खुलासा किया था। पंजाब पुलिस के पूर्व डीएसपी जगदीश भोला से पूछताछ के बाद देश और विदेश के कई बड़े लोगों के नाम सामने आए थे। वहीं, ईडी ने फतेहगढ़ साहिब थाने में दर्ज आठ एफआईआर को आधार बनाकर 25 मई 2013 को पीएमएल एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। पंजाब पुलिस ने उक्त मामले में 104 के करीब लोगों को चार्जशीट किया था।
आरोप है कि आरोपियों ने ड्रग तस्करी के पैसे से कई कंपनियां और संपत्तियां बनाई थी। इसके अलावा उन्होंने कई जानकारों के बिजनेस में पैसा निवेश किया था।
करोड़ों की संपत्ति ईडी कर चुकी है अटैच
ईडी ने जगजीत सिंह चहल, उनके भाई परमजीत सिंह चहल व पत्नी इंद्रजीत कौर की 54.59 करोड़ की संपत्ति अटैच की थी। इसके अलावा सरवन सिंह फिल्लौर की 14.75 लाख, उनके बेटे दमनवीर सिंह फिल्लौर की 4.72 करोड़, सीपीएस रहे अविनाश चंद्र की 55.54 लाख और अकाली नेता चुन्नी लाल गाबा की 17.12 लाख की संपत्ति अटैच की थी। इन जायदाद में शोरूम, एग्रीकल्चर लैंड, रिहायशी मकान, सात लग्जरी कारें, फिक्स डिपॉजिट सहित कंपनियों की संपत्ति भी शामिल थी।
2014 से हो रही पूछताछ
पूर्व मंत्री फिल्लौर व अविनाश चंद्र को ईडी ने कई बार 2014 में समन भेजे। साथ ही इनसे कई घंटों तक पूछताछ की गई थी। अविनाश के भाई से भी सवाल जवाब किए गए थे।