सेना ने जब ऐसे मामलों की छानबीन शुरू की तो पता चला कि जिन नंबरों से एसएमएस भेजे गए, वे पाकिस्तान के हैं। इन्हें भारतीय नेटवर्क को हैक कर के इस्तेमाल किया जा रहा है। अब सेना जवानों और अधिकारियों को इस खतरे के प्रति जागरूक कर रही है। जवानों को बताया जा रहा है कि इस तरह की लालच देने वाले एसएमएस का कोई रिप्लाई न दें।
अधिकारियों परिजनों को भी आ रहे फोन
सेना के एक उच्च पदस्थ अधिकारी ने बताया कि अफसरों के बारे में जानकारियां हासिल करने के लिए उनके परिजनों तक को निशाना बनाया जा रहा है। घर के लैंडलाइन पर फोन कर परिजनों से अधिकारियों के बारे में जानकारियां जैसे कि संबंधित अफसर कहां काम करता है, कौन सी यूनिट में हैं, उनकी यूनिट कहां हैं, उनका रैंक क्या है इत्यादि मांगी जाती हैं। अब सेना के जवानों और अधिकारियों के परिजनों को भी जागरूक कर रही है।
इनाम राशि पहुंचाने के लिए जरूरी औपचारिकता का हवाला
उक्त जानकारियां यह कहकर मंगवाई जा रही हैं कि इनाम राशि उन तक पहुंचाने के लिए यह एक जरूरी औपचारिकता है। जवान भी मोटी रकम की लालच में उन्हें कुछ जानकारियां एसएमएस करते हैं तो फिर उन्हें फोन करके उनसे और जानकारियां हासिल करने की कोशिश की जाती है।