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सेना के जवानों-अफसरों को फांसने के लिए 'दुश्मन देश' पाकिस्तान ने फेंका नया पैंतरा, अलर्ट रहें

Fri, 09 Nov 2018 12:40 PM IST
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
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भारत-पाक
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सेना की जासूसी कराने की फिराक में जुटा पाकिस्तान अब एक नया पैंतरा अपना रहा है। इसे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई ऑपरेट कर रही है। आईएसआई भारतीय जवानों को अब लॉटरी का झांसा देकर उन्हें फंसा रही है। सेना के उच्च पदस्थ सूत्रों ने यह जानकारी दी। पाकिस्तानी एजेंसी लॉटरी के झांसे में फंसाकर जवानों से न केवल उनकी तमाम व्यक्तिगत जानकारियां जुटा रही है, बल्कि उनकी यूनिटों के संदर्भ में भी डिटेल इकट्ठा कर रही है।

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ऐसे कुछ मामले सेना ने पकड़े हैं। सैन्य सूत्रों ने बताया कि सेना के जवानों और अधिकारियों के मोबाइल पर एक खास नंबर से एसएमएस पहुंच रहे हैं। इस एसएमएस में जवानों को उनकी लॉटरी निकलने की जानकारी दी जा रही है। एसएमएस में बताया जा रहा है कि उनके मोबाइल नंबर को एक विशेष लॉटरी ड्रा में शामिल किया गया था और ड्रा निकलने के बाद उनके मोबाइल नंबर को इनाम के लिए चुना गया है।

लिहाजा उन्हें अब लॉटरी की रकम बतौर इनाम दी जाएगी। इनाम की रकम भी बहुत मोटी बताई जाती है। अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि जवानों और अफसरों से उनकी तमाम व्यक्तिगत और व्यवसायिक जानकारियां एसएमएस के रूप में मांगी जा रही हैं। जैसे कि उनका पूरा नाम, पता, ई-मेल एड्रेस, क्या और कहां काम करते हैं, किस संस्थान से जुड़े हैं, किस पद पर काम करते हैं, संस्थान का क्या नाम है, संस्थान कहां स्थित है इत्यादि।

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छानबीन में खुलासा, भारतीय नेटवर्क हैक कर किए जा रहे फोन

इंडो-पाक बॉर्डर - फोटो : फाइल फोटो
सेना ने जब ऐसे मामलों की छानबीन शुरू की तो पता चला कि जिन नंबरों से एसएमएस भेजे गए, वे पाकिस्तान के हैं। इन्हें भारतीय नेटवर्क को हैक कर के इस्तेमाल किया जा रहा है। अब सेना जवानों और अधिकारियों को इस खतरे के प्रति जागरूक कर रही है। जवानों को बताया जा रहा है कि इस तरह की लालच देने वाले एसएमएस का कोई रिप्लाई न दें।

अधिकारियों परिजनों को भी आ रहे फोन
सेना के एक उच्च पदस्थ अधिकारी ने बताया कि अफसरों के बारे में जानकारियां हासिल करने के लिए उनके परिजनों तक को निशाना बनाया जा रहा है। घर के लैंडलाइन पर फोन कर परिजनों से अधिकारियों के बारे में जानकारियां जैसे कि संबंधित अफसर कहां काम करता है, कौन सी यूनिट में हैं, उनकी यूनिट कहां हैं, उनका रैंक क्या है इत्यादि मांगी जाती हैं। अब सेना के जवानों और अधिकारियों के परिजनों को भी जागरूक कर रही है।

इनाम राशि पहुंचाने के लिए जरूरी औपचारिकता का हवाला
उक्त जानकारियां यह कहकर मंगवाई जा रही हैं कि इनाम राशि उन तक पहुंचाने के लिए यह एक जरूरी औपचारिकता है। जवान भी मोटी रकम की लालच में उन्हें कुछ जानकारियां एसएमएस करते हैं तो फिर उन्हें फोन करके उनसे और जानकारियां हासिल करने की कोशिश की जाती है।
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