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साल के अंत कर निजी हाथों में होगी चंडीगढ़ की बिजली, अगले महीने जारी होंगे बोली दस्तावेज

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माई सिटी रिपोर्टर
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चंडीगढ़। शहर के बिजली विभाग को साल के अंत तक निजी हाथों में देने की पूरी तैयारी हो चुकी है। सोमवार को प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा ने विद्युत मंत्रालय और इस पूरी प्रक्रिया के लिए कंसल्टेंट नियुक्त डिलॉएट कंपनी के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक के बाद परिदा ने कहा कि नवंबर के आखिर तक निजीकरण के लिए बोली दस्तावेज जारी कर दिए जाएंगे।
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बैठक में निजीकरण को लेकर अड़चनों पर भी चर्चा हुई। इनमें 157 करोड़ के सिक्योरिटी फंड, कर्मचारियों का भविष्य, निजीकरण में सरकार की भूमिका, बिजली विभाग की जमीन-सामान का हस्तांतरण आदि मुद्दे शामिल रहे। मनोज परिदा ने कहा कि चंडीगढ़ में बिजली विभाग के कर्मचारियों और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा की जाएगी। प्रशासक के सलाहकार के आदेशों के अनुसार दिसंबर 2020 तक शहर की बिजली के निजीकरण की प्रक्रिया पूरी करनी है। केंद्र सरकार ने चंडीगढ़ प्रशासन को जनवरी 2021 तक का समय दिया है। शहर के बिजली विभाग को किस तरह से निजी हाथों में दिया जा सकता है, इसके लिए कंसल्टेंट हायर करने की प्रक्रिया पिछले साल ही शुरू हो गई थी। कई बार टेंडर किए गए, जिसमें पावर फाइनेंस कारपोरेशन ने इंटरनेशनल कंपनी डेलॉएट को निजीकरण के सभी पेच को सुलझाने का काम सौंपा था। इस कंपनी ने विभाग में काम करने वाले कर्मचारियों, पावर सप्लाई समेत कई अन्य तरह की जानकारियों को एकत्रित कर अपनी रिपोर्ट और डीपीआर सौंपी है। गौरतलब है कि शहर में इस समय 2.47 लाख बिजली उपभोक्ता हैं। इनमें से 2.14 लाख लोग घरेलू बिजली का इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि अन्य कॉमर्शियल, स्माल पावर, पब्लिक लाइटिंग और कृषि के कनेक्शन हैं। चंडीगढ़ की अपनी खुद की बिजली नहीं है, वह डिस्ट्रीब्यूशन का काम करता है।
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