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बुधवार तक हर हाल में खाली करें छात्रावास

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चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय के डीएसडब्ल्यू दफ्तर ने रविवार को सभी वार्डन को बुधवार तक छात्रावास खाली करवाने के निर्देश दिए हैं। डीएसडब्ल्यू ने इस संबंध में पत्र जारी कर दिया है।
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पत्र में लिखा है कि पंजाब विश्वविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारियों ने शनिवार को यूटी प्रशासन की ओर से 7 मई को आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत जारी किए निर्देशों के अनुपालन को लेकर बैठक की। इस दौरान पंजाब विश्वविद्यालय की ऑफलाइन सुविधाएं पुस्तकालय, प्रयोगशालाएं, स्वीमिंग पूल और खेल मैदान इत्यादि 31 मई तक बंद करने के निर्देश जारी किए गए। इसके मद्देनजर विद्यार्थियों को भी घर जाने के लिए बोला जाए।
पत्र में लिखा गया है कि शहर में संक्रमण बहुत तेजी से फैल रहा है। ऐसे में पंजाब यूनिवर्सिटी के छात्रावास में रह रहे विद्यार्थी भी इसकी चपेट में आ सकते हैं। विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को देखते हुए उन्हें छात्रावास छोड़कर घर जाने के लिए कहा जाए, क्योंकि विद्यार्थी घर पर सुरक्षित रहेंगे। वार्डन छात्रावास में रह रहे विद्यार्थियों से 24 घंटे में उनके जाने के स्थान आदि की जानकारी मांगें, जिससे विद्यार्थियों को बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन या एयरपोर्ट जाने तक के लिए यूटी प्रशासन की मदद से पास और बस इत्यादि की सुविधा करवाई जाए।
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डीएसडब्ल्यू से मिली जानकारी के अनुसार विश्वविद्यालय में लगभग 30 के करीब विद्यार्थियों को संक्रमण के लक्षण खांसी, बुखार, जुकाम चल रहे हैं। प्रतिदिन विद्यार्थी इन समस्याओं को लेकर विश्वविद्यालय के चिकित्सा केंद्र में इलाज के लिए आ रहे हैं। इसके अलावा अभी करीब चार विद्यार्थी कोरोना संक्रमित भी हो गए थे, जो अभी छात्रावास छोड़कर चले गए हैं। इनमें एक संक्रमित विद्यार्थी को महिला छात्रावास-8 में संक्रमण ठीक होने तक ठहराया गया था।
छात्रावास में रह रहे हैं करीब 650 विद्यार्थी
छात्रावास में अभी लगभग 650 के करीब विद्यार्थी रह रहे हैं। इस हफ्ते संक्रमण को देखते हुए लगभग 100 विद्यार्थी घर चले गए हैं। यूनिवर्सिटी में 15-20 के करीब स्टाफ सदस्य भी कोरोना संक्रमित हैं और कर्मचारी काम पर भी कम आ रहे हैं। ऐसे में ग्रुप डी के कर्मचारियों की कमी के कारण सफाई व्यवस्था और विद्यार्थियों की देखरेख भी प्रभावित हो रही है।
पिछली बार की तरह छात्रावास में करवाई जाए व्यवस्था
पीयू एनएसयूआई के अध्यक्ष निखिल नरमेटा ने कहा कि पिछली बार लॉकडाउन के समय दूसरे राज्यों के विद्यार्थी छात्रावास में रुके हुए थे। विश्वविद्यालय ने छात्रावास के विद्यार्थियों के लिए कुछ पाबंदियों के साथ अच्छी अनुशासनात्मक व्यवस्था की हुई थी। इस बार भी विश्वविद्यालय पिछली बार की तरह छात्रावास में ही सामाजिक दूरी के साथ विद्यार्थियों के रुकने की व्यवस्था करे, क्योंकि इस समय पब्लिक साधनों में लंबा सफर करना विद्यार्थियों के स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित नहीं है।
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