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Chandigarh: चंडीगढ़ निगम में अब इंप्लॉयमेंट एक्सचेंज से होगी कर्मचारियों की भर्ती, मेयर ने बनाई योजना

Wed, 18 Sep 2024 11:35 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

चंडीगढ़ निगम में आउटसोर्सिंग पर भर्तियों को लेकर पिछले काफी समय से सवाल उठ रहे हैं। आरोप लगते रहे हैं कि नगर निगम में सफाई कर्मचारी, से लेकर एमटीएस, कंप्यूटर ऑपरेटर या क्लर्क, किसी भी पद पर होने वाली भर्ती में डेढ़ से ढाई लाख रुपये तक देने पड़ते हैं। इसके अलावा जब भी जब कोई नई ठेका कंपनी काम संभालती है तो कर्मचारियों को अपने वेतन में से कुछ रुपये उन्हें पहले देने पड़ते हैं।
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चंडीगढ़ नगर निगम - फोटो : फाइल
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विस्तार
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चंडीगढ़ नगर निगम में भर्ती के नाम पर लाखों रुपये की वसूली का खेल पिछले कई वर्षों से चल रहा है। यही कारण है कि निगम में नियमित कर्मी कम और आउटसोर्स कर्मचारियों की संख्या तीन गुना ज्यादा है। 
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पिछली सदन की बैठक में यह मुद्दा जोरशोर से उठा और कई पार्षदों ने अधिकारियों पर आरोप लगाया। अब मेयर कुलदीप कुमार ने मंगलवार को कहा कि भर्ती के इस खेल को खत्म करने के लिए यूटी प्रशासन के इंप्लॉयमेंट एक्सचेंज के माध्यम से ही निगम में कर्मचारियों की भर्ती की योजना बनाई जा रही है।

भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने की योजना

कुलदीप कुमार ने कहा कि अकसर देखा गया है कि नगर निगम में आउटसोर्सिंग पर जो भर्तियां होती हैं, उसमें शहर के लोगों की संख्या कम होती है और अधिकतर लोग बाहरी होते हैं। ऐसे में भर्ती पर सवाल उठते हैं और भ्रष्टाचार के भी आरोप लगते रहे हैं। मेयर ने कहा कि वह चाहते हैं कि इस भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता आए, इसलिए उन्होंने योजना बनाई है कि नगर निगम में अगर किसी विभाग को कर्मचारियों की जरूरत होगी तो वह यूटी प्रशासन के रीजनल इंप्लॉयमेंट एक्सचेंज को इसकी जानकारी देंगे। वहां पर जिन युवाओं ने नौकरी के लिए आवेदन किया होगा, उन्हें नगर निगम में भर्ती में प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि 26 सितंबर को होने वाली आगामी सदन की बैठक में इस एजेंडे को पार्षदों की मंजूरी के लिए रखा जाएगा।

प्रशासक को भेजा पत्र

बता दें कि मेयर ने नगर निगम में आउटसोर्सिंग पर भर्ती कर्मचारियों की संख्या को लेकर पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया को भी पत्र दिया है और इस मामले में जांच की मांग की है।
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एक साल में 1645 आउटसोर्स कर्मचारी अचानक बढ़े

2023-24 के नगर निगम के बजट के अनुसार एमसी में 2425 नियमित कर्मचारी काम कर रहे थे और 3161 नियमित पद खाली पड़े थे। उसी वर्ष, एमसी में कुल 5891 पदों के मुकाबले 5527 आउटसोर्स कर्मचारी काम कर रहे थे। हालांकि, 2024-2025 के बजट अनुमानों में एमसी में पहले से काम कर रहे आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की संख्या चिंताजनक रूप से बढ़कर 7172 हो गई, जबकि स्वीकृत आउटसोर्स कर्मचारियों के पदों का कोई विवरण नहीं दिया गया था। बजट अनुमानों में यह भी कहा गया है कि 5589 कुल नियमित पदों के मुकाबले केवल 2362 पद भरे हुए हैं और 3227 पद खाली पड़े हैं। आंकड़ों के अनुसार, इस वित्तीय वर्ष में 1645 आउटसोर्स कर्मचारियों को अतिरिक्त रूप से काम पर रखा गया।

पहले इंप्लॉयमेंट एक्सचेंज के माध्यम से हुई थी भर्ती

निगम के कुछ पुराने कर्मचारियों ने बताया कि पहले निगम में इंप्लॉयमेंट एक्सचेंज के माध्यम से भर्ती होती थी। वर्तमान में इंफोर्समेंट विंग के सात सब-इंस्पेक्टर भी इंप्लॉयमेंट एक्सचेंज से रखे गए थे। अगर ऐसा होता है तो भर्ती के लिए लाखों रुपये का खेल भी खत्म हो सकता है और प्रशासन के इंप्लॉयमेंट एक्सचेंज की भी दशा भी सुधर जाएगी। क्योंकि बीते पांच साल में रीजनल इंप्लॉयमेंट एक्सचेंज में 9697 युवाओं ने आवेदन दिया है, जिसमें से महज 1043 युवाओं को रोजगार मिला है। करीब 90 फीसदी आवेदकों को नौकरी दिलाने में एंप्लॉयमेंट एक्सचेंज फेल साबित रहा है। वर्तमान में एक्सचेंज के पास 8654 रजिस्टर्ड उम्मीदवार हैं जिन्हें नौकरी की तलाश है।
 
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