पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान
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पंजाब की नई सरकार ने प्रदेश भर में अपने ट्रेजरी कार्यालयों के कामकाज को चुस्त-दुरुस्त करने का खाका तैयार कर लिया है। कुछ पूर्व मुलाजिमों द्वारा की गई शिकायत के बाद राज्य सरकार ने फैसला लिया है कि ट्रेजरी कार्यालयों में अब किसी भी अधिकारी या मुलाजिम को एक ही सीट पर एक साल से ज्यादा समय तक नियुक्त नहीं रखा जाएगा।
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा की ओर से जारी दिशा-निर्देश में कहा गया है कि पूर्व मुलाजिमों के बिलों पर किसी तरह के सवाल न खड़े किए जाएं और अगर कोई एतराज है तो उन्हें एक बार में अटैच कर दिया जाए, ताकि पूर्व मुलाजिमों को बार-बार कार्यालय के चक्कर न काटने पड़ें। गौरतलब है कि ट्रेजरी कार्यालय के कई अधिकारी और मुलाजिम हर बार नया एतराज नत्थी करते हुए संबंधित पूर्व मुलाजिमों को फाइल लौटा देते थे।
अब नए आदेश में कहा गया है कि मौजूदा सरकारी मुलाजिम द्वारा फाइल पर एतराज क्यों लगाया गया है, इस बारे में आवश्यक नियमों का भी हवाला देना होगा। आपत्ति वाले बिलों की हार्ड कापी भी बिना किसी देरी के संबंधित डीडीओ को वापस भेजनी जरूरी कर दी गई है। इसके अलावा ट्रेजरी कार्यालयों को हर महीने की 10 तारीख को रिपोर्ट तैयार करके मुख्य दफ्तर को भेजनी होगी। इसमें यह बताना होगा कि पूर्व मुलाजिम के कितने केसों का निपटारा कर दिया गया है और कितने बाकी हैं।
मुख्य ट्रेजरी दफ्तर को हर महीने भेजनी होगी रिपोर्ट
मुख्य दफ्तर को भेजी जाने वाली रिपोर्ट में यह जानकारी भी देनी होगी कि ट्रेजरी कार्यालय के किन मुलाजिमों के खिलाफ आम लोगों की तरफ से शिकायत दर्ज कराई गई हैं। शिकायत का विवरण देने के साथ ही उन पर लिए गए एक्शन की जानकारी भी रिपोर्ट में देनी होगी। ट्रेजरी कार्यालयों के अधिकारी हर महीने अपने स्तर पर अपने स्टाफ के साथ बैठक करके कामकाज को सुचारू बनाने के बारे फैसले लेंगे और मुलाजिमों को आने वाली कठिनाईयों पर भी चर्चा कर उन्हें दूर करेंगे।