हरियाणा में कर्मचारी विधानसभा चुनाव से पहले पुरानी पेंशन बहाली को लेकर एक बार फिर से आंदोलन करने के मूड में हैं। इसे लेकर जहां पेंशन बहाली संघर्ष समिति ने अपनी रणनीति तैयार कर ली है। वहीं इसी रणनीति के तहत प्रदेश में कर्मचारियों की लामबंदी भी शुरू हो गई है। समिति 13 जुलाई से अपना आंदोलन शुरू करेगी जो विभिन्न चरणों में 1 सितंबर तक चलेगा।
समिति ने इस मुद्दे को लेकर आर-पार की लड़ाई का एलान किया है। समिति के प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र धारीवाल ने बताया कि हरियाणा में कर्मचारी लगातार पुरानी पेंशन नीति को बहाल करने की मांग कर रहे है। इसी के चलते पेंशन बहाली संघर्ष समिति के बैनर तले कर्मचारी हरियाणा सरकार के सभी विभागों के कर्मचारी, अधिकारी, विधायकों और सांसदों को ज्ञापन दे चुके हैं।
इतना ही नहीं 7 अक्टूबर को करनाल में पेंशन अधिकार रैली और पूरे हरियाणा में पेंशन अधिकार यात्रा निकली जा चुकी है। राष्ट्रीय स्तर पर रामलीला मैदान में रैली और जंतर-मंतर पर धरना भी दे चुके हैं।
इसको लेकर सभी कर्मचारियों में खासी नाराजगी है और पेंशन बहाली संघर्ष समिति के बैनर तले सरकार से आर पार की लड़ाई लड़ने को तैयार है। अक्टूबर माह में हरियाणा के विधानसभा चुनाव प्रस्तावित है। इस से पहले पेंशन बहाली संघर्ष समिति आंदोलन को तेज करने का राज्य कार्यकारिणी की मीटिंग करते हुए निर्णय लिया गया है के पेंशन बहाली संघर्ष समिति चरणबद्ध तरीके से आंदोलन करेगी।