संघ के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा ने बताया कि कौशल विकास एवं औद्योगिक विकास हरियाणा में पिछले कई वर्षों से 1410 अनुदेशक अनुबंध आधार पर कार्यरत है। यह अनुबंध अनुदेशक वित्त विभाग हरियाणा द्वारा स्वीकृत रिक्त पदों के विरुद्ध आउटसोर्सिंग नीति पार्ट-2 के तहत लगे हुए हैं। इनका चयन हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा सभी औपचारिकताएं पूर्ण करने के बाद किया गया था। जिसके कारण ही इन अनुबंधित अनुदेशकों को हरियाणा सरकार के निर्णय के तहत समान काम समान वेतन दिया गया था।
भाजपा सरकार के प्रथम कार्यकाल 2018 में भी इनके पदों को रिक्त मानते हुए 2388 अनुदेशकों के पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। जिसका सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के नेतृत्व में अनुबंधित अनुदेशकों ने नियमित अनुदेशकों के साथ मिलकर संघर्ष किया था। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा ने मामला मुख्यमंत्री के साथ हुई मीटिंग में प्रमुखता से उठाया। जिसके बाद भर्ती प्रक्रिया को रद्द किया गया।
अब फिर 1410 पदों को भी रिक्त मानकर सभी 2388 पदों की भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इतना ही नहीं पहले से कार्यरत 1410 अनुबंध अनुदेशकों के पदों को रिक्त मानते हुए 2388 पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूर्ण करने के लिए तीन दिसंबर से लिखित परीक्षा का प्रोग्राम भी जारी कर दिया है। जिसका विभाग में कार्यरत सभी अनुदेशक एवं मिनिस्ट्रीयल स्टाफ कड़ा विरोध करेगा।