-1 अक्टूबर को दिल्ली में होगी शंखनाद रैली, तैयारियां शुरू
-गांवों में बनाई जाएंगी कमेटियां, लोगों को बताए जाएंगे फायदे
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। प्रदेश के कर्मचारी संगठनों ने एक बार फिर से ओपीएस (ओल्ड पेंशन स्कीम) बहाली को लेकर आंदोलन के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। लोकसभा 2024 के चुनाव से पहले कर्मचारी संगठन ओपीएस को चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश में हैं। 1 अक्टूबर को दिल्ली में ओपीएस बहाली के लिए शंखनाथ रैली रखी है। इसमें हरियाणा के अलावा, अन्य प्रदेशों के कर्मचारी भी अपनी ताकत दिखाएंगे। वहीं, हरियाणा में रैली को सफल बनाने के लिए अभी से तैयारियां शुरू हो गई हैं। कर्मचारी गांवों में जाकर ओपीएस के फायदे और एनपीएस के नुकसान बताए जाएंगे, साथ ही कर्मचारियों के परिवारों के साथ साथ अन्य लोगों की गांवों में कमेटियां बनाई जाएंगी। पेंशन बहाली संघर्ष समिति हरियाणा ने इसके लिए रणनीति तैयार कर ली है। समिति के सदस्य जिला और ब्लॉक के साथ-साथ गांव जाएंगे और आम जनता को अपने पक्ष में लाने की कोशिश करेंगे। कर्मचारी ओपीएस के लाभ और एनपीएस के नुकसान के साथ साथ ग्रामीणों को आंकड़ों से भी रूबरू कराएंगे। समिति के राज्य प्रधान विजेंद्र धारीवाल रैली की तैयारियों को लेकर अभी से समीक्षा कर रहे हैं और हर जिले से फीडबैक ले रहे हैं। बता दें कि इससे पहले समिति की ओर से 1 जून ले 23 जून तक प्रदेशभर में साइकिल यात्रा निकाली गई थी। बाद में राज्यपाल को ज्ञापन दिया गया था। अब दोबारा से समिति ओपीएस के लिए संघर्ष में जुट गई है।
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सरकार से हुई दो बैठकें, इसके बाद कोई बुलावा नहीं
ओपीएस को लेकर पेंशन बहाली संघर्ष समिति की हरियाणा सरकार के साथ दो बैठकें हो चुकी हैं। हरियाणा सरकार की ओर से तीन सदस्यीय कमेटी भी गठित की हुई है। इसमें मुख्य सचिव संजीव कौशल, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव वी उमाशंकर और वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी शामिल हैं।
2024 में हैं लोकसभा और हरियाणा में विधानसभा चुनाव
2024 में लोकसभा के चुनाव हैं, जबकि हरियाणा में 2024 में ही विधानसभा के भी चुनाव हैं। कर्मचारी संगठन हिमाचल प्रदेश में ओपीएस का मुद्दा बनने से सरकार बदलने से उत्साहित हैं और ओपीएस को चुनावी मुद्दा बनाने में जुटे। अब तक किए गए आंदोलनों और रैलियों में कर्मचारी संगठन साफ कर चुके हैं जो भी दल ओपीएस बहाली का वादा करेगा, उसका साथ दिया जाएगा और ओपीएस बहाल नहीं करने वाले दलों को विरोध किया जाएगा।