फैसले के खिलाफ देश भर में किए जाएंगे विरोध प्रदर्शन
13-14 अगस्त को हैदराबाद में आंदोलन का होगा फैसला
चंडीगढ़। केंद्र सरकार की ओर से कर्मचारियों एवं पेंशनर्स की अत्यंत महत्वपूर्ण आठवें पे कमीशन का गठन और पुरानी पेंशन बहाली की मांग न मानने से कर्मचारियों में आक्रोश है। कर्मचारी संगठनों ने अब केंद्र सरकार के उक्त फैसलों के खिलाफ एक बार फिर नए सिरे से आंदोलन शुरू करने की योजना बनाना शुरू कर दिया है। राज्य कर्मचारियों के सबसे बड़े एवं प्रमुख संगठन अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा ने केंद्र सरकार के इस फैसले की कड़ी भर्त्सना करते हुए ऐलान किया है कि इन फैसलों का देशभर में विरोध किया जाएगा और 13-14 अगस्त को हैदराबाद में होने वाली राष्ट्रीय कार्यसमिति की मीटिंग में पुनः नए सिरे से राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू करने की योजना बनाई जाएगी।
राष्ट्रीय अध्यक्ष लांबा ने कहा कि 22 जुलाई को केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने सपा सांसद आनंद भदौरिया की ओर से लोकसभा में पूछे गए सवाल पर दो टूक शब्दों में उत्तर दिया कि केंद्र सरकार के पास आठवें पे कमीशन के गठन का कोई भी प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। इसी प्रकार केन्द्रीय वित्त सचिव टीवी सोमनाथ ने 25 जुलाई को एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा कि पुरानी पेंशन बहाली अब मुमकिन नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि अगर एनपीएस अच्छी है तो आर्मी और सांसद व विधायकों पर क्यों नहीं लागू की गई है और अगर अच्छी नहीं है तो इसको रद्द कर पुरानी पेंशन को बहाल क्यों नहीं किया जा सकता है।